सऊदी अरब ने अपने नागरिकों को तुरंत लेबनान छोड़कर वापस आने को कहा है. इसराइल की सेना ने लेबनान के दक्षिणी इलाके में हजारों सैनिक भेज दिए हैं, जिससे वहां सुरक्षा का खतरा काफी बढ़ गया है. UN ने चेतावनी दी है कि अगर यह सैन्य कार्रवाई जारी रही, तो वहां एक बहुत बड़ा मानवीय संकट पैदा हो सकता है.
लेबनान जाने वाले सऊदी नागरिकों के लिए क्या हैं नए नियम और जुर्माने?
सऊदी अरब के दूतावास ने बेरूत में मौजूद नागरिकों को मौजूदा हालातों की वजह से तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है. दूतावास ने याद दिलाया कि लेबनान की यात्रा पर पिछले कई सालों से प्रतिबंध लगा हुआ है. इसके साथ ही सऊदी Ministry of Interior ने उन लोगों के लिए कड़े नियम लागू किए हैं जो बिना सरकारी मंजूरी के लेबनान जैसे प्रतिबंधित देशों की यात्रा करते हैं.
- जुर्माना: बिना आधिकारिक अनुमति के यात्रा करने पर 30,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
- ट्रैवल बैन: नियम तोड़ने वालों पर दो साल तक का यात्रा प्रतिबंध लग सकता है.
- दोबारा गलती: अगर कोई व्यक्ति बार-बार इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो दंड और बढ़ाया जाएगा.
लेबनान में इस समय क्या हालात हैं और कितना नुकसान हुआ है?
इसराइल की सेना ने लितानी नदी के दक्षिण के पूरे इलाके पर कब्जा करने का लक्ष्य रखा है, जो सीमा से करीब 30 किलोमीटर उत्तर तक है. इस वजह से लेबनान के दक्षिणी हिस्से में भारी तबाही मची है और कई गांवों को पूरी तरह रहने लायक नहीं छोड़ा गया है.
- विस्थापन: करीब 12 लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़कर भाग चुके हैं, जो लेबनान की कुल आबादी का लगभग 20 प्रतिशत है.
- अस्पताल: वहां की स्वास्थ्य सेवाएं दबाव में हैं, जिसमें 6 अस्पताल बंद हो चुके हैं और 15 को नुकसान पहुंचा है.
- शेल्टर: अप्रैल 20 तक करीब 1 लाख 17 हजार से ज्यादा लोग 631 सामूहिक शेल्टर में शरण लिए हुए हैं.
क्या अन्य खाड़ी देशों ने भी कोई चेतावनी जारी की है?
लेबनान में बढ़ते तनाव को देखते हुए सिर्फ सऊदी अरब ही नहीं, बल्कि UAE और Bahrain ने भी अपने नागरिकों के लिए इसी तरह की ट्रैवल चेतावनी और प्रतिबंध जारी किए हैं. दूसरी ओर, रूस ने मदद के लिए लेबनान को 27 टन मानवीय सहायता भेजी है. संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां जैसे UNHCR और UNICEF वहां जमीन पर काम कर रही हैं और उन्होंने सहायता के लिए करोड़ों डॉलर की अपील की है.