सऊदी अरब ने अपने नागरिकों को लेबनान से तुरंत बाहर निकलने की सलाह दी है। लेबनान में इसराइल की सैन्य कार्रवाई और बढ़ते तनाव के बाद हालात काफी खराब हो गए हैं। हालांकि अमेरिका की कोशिशों से वहां 10 दिन का युद्धविराम लागू हुआ है, लेकिन सुरक्षा कारणों से खतरा अभी टला नहीं है।
सऊदी अरब ने अपने नागरिकों को क्या चेतावनी दी है?
सऊदी अरब के दूतावास ने बेरूत में मौजूद अपने नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने को कहा है। वहां के हालात और सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। सऊदी सरकार ने यह भी याद दिलाया कि लेबनान की यात्रा पर पहले से ही पाबंदी लगी हुई है। किसी भी आपात स्थिति में सऊदी नागरिकों को तुरंत दूतावास से संपर्क करने के लिए कहा गया है।
युद्धविराम और जमीनी हालात क्या हैं?
अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता के बाद 17 अप्रैल 2026 को इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच 10 दिन का युद्धविराम शुरू हुआ। सऊदी अरब ने इस कदम का स्वागत किया है। लेकिन इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ किया है कि उनके सैनिक दक्षिण लेबनान में तैनात रहेंगे। लेबनानी सेना ने लोगों को अभी अपने घरों को वापस न लौटने की सलाह दी है क्योंकि वहां अब भी रुक-रुक कर गोलाबारी हो रही है।
मानवीय संकट और अंतरराष्ट्रीय देशों की चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र ने लेबनान में मानवीय आपदा की चेतावनी दी है। मार्च की शुरुआत से अब तक 10 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं और करीब 1.36 लाख लोग भीड़भाड़ वाले शेल्टर होम में रहने को मजबूर हैं। अमेरिका और ब्रिटेन ने लेबनान को सबसे खतरनाक जगहों की सूची में रखा है और वहां न जाने की सख्त सलाह दी है।
| मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| युद्धविराम की तारीख | 17 अप्रैल 2026 |
| मध्यस्थ देश | USA (डोनाल्ड ट्रंप) |
| विस्थापित लोग | 10 लाख से अधिक |
| सऊदी अरब का निर्देश | तुरंत देश छोड़ें / यात्रा प्रतिबंध |
| US और UK एडवाइजरी | Do Not Travel (बिल्कुल न जाएं) |
| सैन्य स्थिति | इसराइली सैनिक दक्षिण लेबनान में मौजूद |
