लेबनान में इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच जंग और भयानक हो गई है। इस खतरे को देखते हुए सऊदी अरब ने अपने नागरिकों को तुरंत लेबनान छोड़ने का आदेश दिया है। वहां हालात इतने खराब हैं कि संयुक्त राष्ट्र ने इसे मानवीय तबाही बताया है। लाखों लोग अपने घर छोड़कर भागने को मजबूर हो चुके हैं।
सऊदी अरब ने अपने नागरिकों को क्या चेतावनी दी है?
सऊदी अरब के दूतावास ने बेरुत से एक बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि वहां चल रही घटनाओं के असर को देखते हुए सभी सऊदी नागरिक तुरंत लेबनान छोड़ दें। दूतावास ने यह भी याद दिलाया कि लेबनान की यात्रा पर पहले से ही पाबंदी लागू थी। यह फैसला वहां बढ़ती हिंसा और असुरक्षा को देखते हुए लिया गया है।
लेबनान में मानवीय स्थिति कितनी गंभीर है?
संयुक्त राष्ट्र और OCHA की रिपोर्ट के अनुसार, 2 मार्च 2026 से शुरू हुई इस जंग ने भारी तबाही मचाई है। दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना ने लिटानी नदी के दक्षिण के पूरे इलाके पर कब्जा करने के लिए हजारों सैनिक तैनात कर दिए हैं।
| विवरण | आंकड़े (2 मार्च से 14 अप्रैल 2026) |
|---|---|
| कुल मौतें | 2,000 से ज्यादा |
| घायल लोग | 6,500 से ज्यादा |
| विस्थापित लोग | 10 लाख से अधिक |
| प्रभावित बाजार | 80% से ज्यादा |
| रुके हुए सहायता काफिले | 63% |
अस्पतालों और एम्बुलेंस पर क्या खतरा है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रतिनिधि डॉ. अब्दीनासिर अबुबकर ने बताया कि इजराइल की तरफ से चेतावनी मिली है कि एम्बुलेंस पर हमले हो सकते हैं। इजराइल का दावा है कि हिजबुल्लाह इनका इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि, WHO ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत स्वास्थ्य कर्मियों और एम्बुलेंस को सुरक्षा मिलनी चाहिए। इसके अलावा, दक्षिणी लेबनान में मानवीय सहायता पहुँचाने वाले काफिले अपनी मंजिल तक नहीं पहुँच पा रहे हैं जिससे भोजन की कमी हो रही है।
