सऊदी अरब ने लेबनान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एक ज़रूरी चेतावनी जारी की है। सरकार ने अपने लोगों से कहा है कि वे सुरक्षा कारणों से तुरंत लेबनान छोड़ दें। यह फैसला वहां बढ़ते तनाव और संयुक्त राष्ट्र द्वारा मानवीय संकट की चेतावनी दिए जाने के बाद लिया गया है।

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सऊदी अरब ने नागरिकों को लेबनान छोड़ने के लिए क्यों कहा?

सऊदी अरब के दूतावास ने बीरूत में स्पष्ट किया कि मौजूदा हालातों और सुरक्षा जोखिमों की वजह से वहां रहना खतरनाक हो सकता है। दूतावास ने यह भी याद दिलाया कि लेबनान की यात्रा पर पहले से ही कई सालों से प्रतिबंध लगा हुआ है। अगर कोई नागरिक इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है और भविष्य में यात्रा पर रोक लग सकती है।

लेबनान में अभी क्या स्थिति चल रही है?

इसराइल ने दक्षिण लेबनान में अपनी हज़ारों सैनिकों की तैनाती कर दी है और उसका लक्ष्य लिटानी नदी के दक्षिणी क्षेत्र पर कब्ज़ा करना है। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने इस स्थिति को एक बड़ा मानवीय संकट बताया है। हालांकि 16 अप्रैल 2026 को 10 दिनों का युद्धविराम (ceasefire) लागू हुआ था, लेकिन ज़मीनी हालात अभी भी बहुत नाज़ुक बने हुए हैं।

आम लोगों और प्रवासियों पर क्या असर पड़ रहा है?

UNICEF की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण लेबनान के तेबनीन जैसे शहरों में भारी तबाही हुई है। इस संघर्ष की वजह से करीब 10 लाख से ज़्यादा लोग बेघर हो गए हैं, जिनकी स्थिति बहुत अनिश्चित है। कई लोग युद्धविराम के बाद अपने घरों को लौटे, लेकिन उन्होंने पाया कि उनके घर पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.