Saudi Arabia New Rule: सऊदी अरब ने नागरिकों को लेबनान छोड़ने को कहा, युद्ध के कारण जारी हुआ अलर्ट
सऊदी अरब ने अपने नागरिकों को तुरंत लेबनान छोड़ने की सलाह दी है। लेबनान में इसराइल की सेना के दखल के बाद वहां हालात काफी बिगड़ गए हैं। UN ने चेतावनी दी है कि अगर युद्ध ऐसे ही चलता रहा तो वहां बहुत बड़ा मानवीय संकट खड़ा हो जाएगा। सऊदी दूतावास ने साफ कहा है कि लोग अपनी सुरक्षा के लिए वहां से जल्द से जल्द निकल जाएं।
लेबनान में आखिर चल क्या रहा है
इसराइल की सेना ने लेबनान के दक्षिणी हिस्से में हजारों सैनिक भेज दिए हैं। इनका मकसद लिटानी नदी के दक्षिण के पूरे इलाके पर कब्जा करना है। मार्च 2026 से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक 2,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। लगभग 10 लाख से ज्यादा लोग अपना घर छोड़कर भागने को मजबूर हुए हैं।
सऊदी अरब और दुनिया का क्या कहना है
सऊदी अरब ने 27 मार्च 2026 को अपने नागरिकों को तुरंत निकलने को कहा। सऊदी दूतावास ने याद दिलाया कि लेबनान जाने पर पहले से ही पाबंदी लागू है। ब्रिटेन ने भी अपने नागरिकों को लेबनान के कुछ हिस्सों में जाने से मना किया है। फ्रांस और यूके जैसे कई देशों ने इसराइल और हिजबुल्लाह दोनों के हमलों की निंदा की है और शांति की अपील की है।
| तारीख | मुख्य घटना |
|---|---|
| 2 मार्च 2026 | लेबनान युद्ध की शुरुआत हुई |
| 27 मार्च 2026 | सऊदी अरब ने नागरिकों को तुरंत निकलने को कहा |
| 10 अप्रैल 2026 | UK ने लेबनान यात्रा के लिए चेतावनी जारी की |
| 15 अप्रैल 2026 | UN ने बमबारी और हमलों की निंदा की |
| 17 अप्रैल 2026 | युद्धविराम के बाद लोग घरों को लौटने लगे |
| 18 अप्रैल 2026 | सऊदी और ईरान ने युद्धविराम के लिए समन्वय किया |
क्या अब हालात सुधर रहे हैं
17 अप्रैल को एक छोटा युद्धविराम हुआ जिसके बाद कई लोग अपने घरों को लौटने लगे। लेकिन इसराइल ने चेतावनी दी है कि अगर लड़ाई फिर शुरू हुई तो उन्हें फिर से खाली करना होगा। सऊदी अरब और ईरान पर्दे के पीछे से इस मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि लेबनान में स्थिरता बनी रहे और देश पूरी तरह बर्बाद न हो।