24 मार्च 2026 को सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव के बीच फोन पर एक महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को कम करना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना था। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के मुताबिक, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने के लिए साथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई है। ओमान के विदेश मंत्री ने भी इस पूरी कूटनीतिक प्रक्रिया में सहयोग दिया ताकि शांतिपूर्ण तरीके से समस्याओं का हल निकाला जा सके।

बातचीत के मुख्य बिंदु क्या रहे?

  • तनाव कम करना: चर्चा के दौरान क्षेत्र में चल रहे संघर्षों को कम करने और सुरक्षा बहाल करने पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया।
  • सुरक्षा सहयोग: सऊदी अरब और उज्बेकिस्तान दोनों ही सुरक्षा के मामले में एक-दूसरे के साथ सहयोग बढ़ाने पर राजी हुए।
  • विवादों का समाधान: मंत्रियों ने यह बात साफ कही कि किसी भी विवाद को अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहकर कूटनीतिक तरीके से ही हल किया जाना चाहिए।
  • भविष्य की योजना: उज्बेकिस्तान अब गल्फ सहयोग परिषद (GCC) के देशों के साथ मिलकर सुरक्षा और विकास के नए रास्तों पर काम कर रहा है।

इस कूटनीतिक बातचीत का क्या असर होगा?

मिडिल ईस्ट में शांति और स्थिरता वहां काम करने वाले लाखों प्रवासियों और भारतीयों के लिए बहुत जरूरी है। जब सऊदी अरब जैसे देश क्षेत्रीय सुरक्षा और तनाव कम करने की बात करते हैं, तो इससे वहां के व्यापार और नौकरियों के माहौल पर सकारात्मक असर पड़ता है। इस तरह की चर्चाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि क्षेत्र में रहने वाले लोगों को किसी बड़ी अस्थिरता का सामना न करना पड़े। यह बातचीत मार्च के शुरुआत में हुई पिछली मीटिंग का ही अगला हिस्सा है, जिससे साफ है कि शांति के लिए प्रयास लगातार जारी हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com