सऊदी अरब के नगर पालिकाओं मंत्रालय (Ministry of Municipalities) ने खाली ज़मीन के मालिकों के लिए एक ज़रूरी चेतावनी जारी की है. अगर आपकी ज़मीन पर किसी तरह का उल्लंघन है, तो उसे ठीक करने के लिए अब 26 सितंबर तक का समय दिया गया है. सरकार शहरों की सूरत बदलने और गंदगी हटाने के लिए सख्त कदम उठा रही है.

मंत्रालय ने बताया है कि पूरे किंगडम में नगर पालिकाएं ज़मीनों की फील्ड जांच कर रही हैं. इस जांच का मकसद यह देखना है कि ज़मीन का सही इस्तेमाल हो रहा है या नहीं. जिन मालिकों ने अब तक अपनी गलतियां ठीक नहीं की हैं, उन्हें 15 रबी अल-थानी (26 सितंबर, 2026) तक की मोहलत दी गई है. अगर इस तारीख तक सुधार नहीं हुआ, तो कानूनी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा.

इन गलतियों पर होगी कार्रवाई

जांच के दौरान पाया गया है कि ज़्यादातर ज़मीनों पर निर्माण कार्य का मलबा और खुदाई का कचरा जमा है. इसके अलावा, कई लोग खाली ज़मीनों का गैर-कानूनी इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे शहर की सुंदरता पर बुरा असर पड़ता है. मंत्रालय ने सभी मालिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें.

खाली संपत्तियों पर लगेगा शुल्क

सरकार ने खाली इमारतों और ज़मीनों के बेहतर इस्तेमाल के लिए नए नियम बनाए हैं. इसके तहत अब खाली संपत्तियों पर फीस ली जाएगी ताकि रियल एस्टेट मार्केट में संतुलन बना रहे और घर सस्ते हो सकें. इस पूरी व्यवस्था की जानकारी नीचे टेबल में दी गई है:

विवरण नियम और जानकारी
नियम लागू होने की तारीख 13 मई, 2026
खाली संपत्ति की परिभाषा अगर इमारत 6 महीने तक इस्तेमाल नहीं हुई है
सालाना फीस इमारत की कीमत का अधिकतम 5%
पेमेंट का समय बिल मिलने के 6 महीने के भीतर
फीस का इस्तेमाल हाऊसिंग प्रोजेक्ट्स को सपोर्ट करने के लिए
कानूनी आधार रॉयल डिक्री नंबर (M/244), मई 2025
मुख्य उद्देश्य घरों की सप्लाई बढ़ाना और जमाखोरी रोकना

इसके अलावा, ज़मीन की घेराबंदी (Fencing) के लिए “Baladi” प्लेटफॉर्म के ज़रिए परमिट लेने को कहा गया है. साथ ही, ज़मीनों की साफ-सफाई के लिए 16 नवंबर, 2026 तक की समय सीमा तय की गई है. इसके बाद निगरानी और कड़ी कर दी जाएगी ताकि शहरों में विजुअल पॉल्यूशन को कम किया जा सके.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.