सऊदी अरब में अब प्रॉपर्टी को खाली रखना मकान मालिकों के लिए महंगा साबित होगा. सरकार ने खाली पड़ी इमारतों और मकानों पर फीस लगाने का नया नियम मंजूर कर लिया है. यह फैसला क्राउन प्रिंस के निर्देशों के बाद लिया गया है ताकि रियल एस्टेट मार्केट में संतुलन बना रहे और लोगों को घर मिलने में आसानी हो. अब जिन मकानों का इस्तेमाल नहीं हो रहा, उन पर सालाना टैक्स देना होगा.
खाली प्रॉपर्टी पर कितना लगेगा टैक्स और क्या हैं नियम?
नगरपालिका और ग्रामीण मामलों तथा आवास मंत्रालय ने इस नियम को मंजूरी दी है. इसके तहत अगर कोई इमारत खाली रहती है, तो उसके मालिक को सालाना फीस देनी होगी. इस फीस की रकम इमारत की कुल कीमत के 5 प्रतिशत तक हो सकती है. नियम के मुताबिक, अगर कोई मकान एक साल में कुल 6 महीने तक खाली रहता है, तो उसे खाली माना जाएगा. टैक्स की गणना मार्केट रेंट यानी उस इलाके के औसत किराए के आधार पर की जाएगी. अगर एक प्रॉपर्टी के एक से ज्यादा मालिक हैं, तो हर मालिक अपने हिस्से के हिसाब से टैक्स भरेगा.
| विवरण | नियम और जानकारी |
|---|---|
| सालाना फीस | इमारत की कीमत का अधिकतम 5% |
| खाली की परिभाषा | साल में 6 महीने तक इस्तेमाल न होना |
| गणना का तरीका | मार्केट रेंट (Fair Market Rent) के आधार पर |
| भुगतान की समय सीमा | बिल जारी होने के 6 महीने के अंदर |
| कमाई का इस्तेमाल | हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने में |
| लागू क्षेत्र | मंत्रालय द्वारा घोषित चुनिंदा शहर |
यह नियम कहाँ लागू होगा और इससे क्या फायदा होगा?
सरकार ने साफ किया है कि यह नियम पूरे देश में एक साथ लागू नहीं होगा. मंत्री बाद में उन शहरों और खास इलाकों की घोषणा करेंगे जहाँ इस नियम को लागू किया जाएगा. यह फैसला वहां की डिमांड, सप्लाई और किराए की कीमतों को देखकर लिया जाएगा. इस टैक्स से जो पैसा इकट्ठा होगा, उसका इस्तेमाल सरकार हाउसिंग प्रोजेक्ट्स यानी नए घर बनाने के कामों में करेगी. मकान मालिकों को बिल मिलने के बाद भुगतान के लिए 6 महीने का समय दिया जाएगा.
आम आदमी और किराएदारों पर इसका क्या असर पड़ेगा?
रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस नियम के बाद मकान मालिक अपने घरों को खाली रखने के बजाय किराए पर देने की कोशिश करेंगे ताकि उन्हें टैक्स न भरना पड़े. जब मार्केट में ज्यादा घर किराए के लिए उपलब्ध होंगे, तो किराए की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है. इससे खासकर उन शहरों में रहने वाले प्रवासियों और आम लोगों को राहत मिलेगी जहाँ किराए बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं. नियम में उन मामलों के लिए छूट भी रखी गई है जहाँ घर किसी कानूनी वजह या मालिक की मजबूरी के कारण खाली है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या यह नियम सऊदी अरब के सभी शहरों में लागू है?
नहीं, यह नियम केवल कुछ खास शहरों और इलाकों में लागू होगा. मंत्रालय जल्द ही उन शहरों की लिस्ट जारी करेगा जहाँ यह टैक्स वसूला जाएगा.
अगर मकान मालिक की गलती के बिना घर खाली है तो क्या टैक्स लगेगा?
नियम में कुछ छूट दी गई है. अगर घर ओक्यूपेंसी सर्टिफिकेट न मिलने या मालिकाना हक बदलने जैसी वजहों से खाली है, तो उसे टैक्स से राहत मिल सकती है.
