सऊदी अरब सरकार ने खाली पड़ी प्रॉपर्टीज (Vacant Properties) के लिए सालाना फीस के नए कार्यकारी नियम लागू कर दिए हैं. 12 मई 2026 को इन नियमों को आधिकारिक तौर पर मंजूरी मिल गई है. इस फैसले का मुख्य मकसद शहरों में खाली पड़े मकानों और जमीनों का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना है, ताकि बाजार में घरों की सप्लाई बढ़े और कीमतें संतुलित रहें.

खाली प्रॉपर्टी पर कितनी फीस देनी होगी और क्या हैं नियम?

नगरपालिका, ग्रामीण मामलों और आवास मंत्रालय (MoMaH) ने इस फीस के ढांचे को विस्तार से समझाया है. यह फीस प्रॉपर्टी के अनुमानित किराए के मूल्य (ajr al-mithl) के आधार पर तय की जाएगी. जिन प्रॉपर्टीज पर यह नियम लागू होंगे, वहां फीस की गणना नीचे दी गई तालिका के अनुसार होगी:

विवरण फीस/नियम की सीमा
खाली बिल्डिंग की सालाना फीस इमारत की कुल कीमत का अधिकतम 5%
मंत्रिपरिषद द्वारा संभावित बढ़ोतरी विशेष सिफारिश पर 10% तक
बंजर सफेद जमीन (White Land) लेवी मार्केट वैल्यू का अधिकतम 10%
न्यूनतम आकार की सीमा 5,000 वर्ग मीटर या उससे अधिक
डेटा अपडेट करने की अवधि संदर्भ वर्ष में कम से कम एक बार
मूल्यांकन प्रक्रिया लाइसेंस प्राप्त वैल्यूअर्स द्वारा तय किराया

किन इलाकों और प्रॉपर्टीज पर लागू होंगे ये नियम?

यह टैक्स सभी जगहों पर एक साथ लागू नहीं होगा. सरकार उन खास शहरों और भौगोलिक क्षेत्रों का ऐलान बाद में करेगी, जहां खाली आवासीय और व्यावसायिक प्रॉपर्टीज की संख्या बहुत ज्यादा है. जिन इलाकों में घरों की कीमतें लोगों की आम आय के मुकाबले बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं, वहां इसे प्राथमिकता दी जाएगी. साथ ही, शहरी विकास की प्राथमिकता के आधार पर इलाकों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है, जिनमें सबसे उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में जमीन की कीमत का 10% तक शुल्क लग सकता है.

प्रॉपर्टी मालिकों को क्या करना होगा?

नियमों के मुताबिक, प्रॉपर्टी मालिकों को मंत्रालय को जरूरी दस्तावेज और डेटा देना होगा. उन्हें अपनी बिल्डिंग की मौजूदा स्थिति की जानकारी देनी होगी और इसे हर साल अपडेट करना होगा. अगर किसी एक प्रॉपर्टी के एक से ज्यादा मालिक हैं, तो उनमें से हर व्यक्ति अपने हिस्से के अनुपात में इस फीस का भुगतान करेगा. प्रॉपर्टी की सही कीमत और किराए का अंदाजा लगाने के लिए सऊदी अथॉरिटी फॉर एक्रेडिटेड वैल्यूअर्स के विशेषज्ञों की एक टेक्निकल कमेटी बनाई जाएगी.

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब में खाली प्रॉपर्टी पर टैक्स क्यों लगाया जा रहा है?

इसका उद्देश्य रियल एस्टेट मार्केट को व्यवस्थित करना और सप्लाई और डिमांड में संतुलन बनाना है, ताकि प्रॉपर्टी मालिक अपनी खाली संपत्तियों का उपयोग करें और बाजार में घर उपलब्ध हों.

क्या यह नियम सभी जमीनों पर लागू होगा?

नहीं, यह मुख्य रूप से उन संपत्तियों पर लागू होगा जिनका आकार 5,000 वर्ग मीटर या उससे अधिक है और जो उन विशिष्ट शहरों में हैं जिन्हें सरकार बाद में घोषित करेगी.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com