सऊदी अरब के नगरपालिकाओं और आवास मंत्रालय ने खाली पड़ी संपत्तियों पर फीस लगाने के नए कार्यकारी नियमों को मंजूरी दे दी है। यह फैसला क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के निर्देशों के तहत रियल एस्टेट सेक्टर को व्यवस्थित करने और बाजार में घर और जमीनों की मांग और आपूर्ति को संतुलित करने के लिए लिया गया है। इस नियम का मकसद प्रॉपर्टीज के बेहतर इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।

किन हालातों में नहीं देना होगा खाली प्रॉपर्टी का टैक्स?

नए नियमों के मुताबिक कुछ खास स्थितियों में प्रॉपर्टी मालिकों को यह फीस नहीं भरनी होगी। इनमें निम्नलिखित बातें शामिल हैं:

  • रुकावटें: अगर प्रॉपर्टी के इस्तेमाल या वहां रहने में कोई ऐसी रुकावट है जो मालिक के बस में नहीं है।
  • इस्तेमाल का सबूत: ऐसी संपत्तियां जिनके बारे में यह साबित हो जाए कि उनका असल में इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • उपयोग के लायक न होना: वे संपत्तियां जो रहने या किसी काम के लिए फिट नहीं हैं।
  • अन्य शर्तें: अगर प्रॉपर्टी को बेच दिया गया हो या बिल्डिंग के लिए ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी हो चुका हो। इसके अलावा मंत्रालय द्वारा तय अन्य मापदंडों के आधार पर भी छूट मिल सकती है।

खाली प्रॉपर्टी के नए नियम और फीस की पूरी जानकारी

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि शहरी सीमाओं के अंदर आने वाली कोई भी गैर-सरकारी इमारत, जिसे एक साल के दौरान कुल 6 महीने (लगातार या अलग-अलग समय पर) इस्तेमाल नहीं किया गया, उसे खाली माना जाएगा। यह फीस केवल उन खास इलाकों में लागू होगी जिन्हें मंत्रालय तय करेगा।

विवरण नियम और डेटा
सालाना फीस की दर अनुमानित रेंटल वैल्यू का प्रतिशत, जो प्रॉपर्टी की कुल कीमत के 5% से ज्यादा नहीं होगा (मंत्रिपरिषद इसे 10% तक बढ़ा सकती है)
भुगतान की समय सीमा बिल जारी होने की तारीख से अधिकतम 6 महीने का समय
लागू होने वाले क्षेत्र मंत्रालय द्वारा निर्धारित खास ज्योग्राफिक जोन
कमाई का उपयोग इस फीस से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स और शहरी विकास के लिए किया जाएगा

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब में खाली प्रॉपर्टी किसे माना जाएगा?

शहरी सीमा के अंदर की वह गैर-सरकारी इमारत, जिसे 12 महीने के संदर्भ वर्ष में बिना किसी ठोस वजह के 6 महीने तक इस्तेमाल या कब्जा नहीं किया गया हो।

खाली प्रॉपर्टी की फीस भरने के लिए कितना समय मिलेगा?

प्रॉपर्टी मालिकों को इनवॉइस या बिल जारी होने की तारीख से 6 महीने के भीतर फीस का भुगतान करना होगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com