सऊदी अरब की सरकार ने खाली पड़ी इमारतों और जमीनों के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। Ministry of Municipal, Rural Affairs and Housing ने इसके लिए रेगुलेशन को मंजूरी दे दी है। अब जिन शहरों या इलाकों में मकान खाली रखे जाएंगे, वहां के मालिकों को फीस देनी होगी। इसका मकसद बाजार में घरों की कमी को दूर करना और मकानों की कीमतों को कंट्रोल करना है।
किन्हें देना होगा खाली मकानों का टैक्स और कैसे चुने जाएंगे इलाके?
सरकार ने कुछ खास आधार तय किए हैं जिनके जरिए तय होगा कि किस शहर या इलाके में यह फीस लागू होगी। इसके लिए इन बातों पर गौर किया जाएगा:
- शहर या इलाके में खाली मकानों की कुल संख्या कितनी है।
- वहां प्रॉपर्टी की कीमतें कितनी ज्यादा बढ़ गई हैं।
- रहने के खर्च और किराए की दरें कितनी ऊंची हैं।
- उन लोगों के पास कितने खाली मकान हैं जिनके पास एक से ज्यादा प्रॉपर्टी है।
कितनी फीस लगेगी और खाली मकान किसे माना जाएगा?
नियम के मुताबिक, अगर कोई बिल्डिंग एक साल में लगातार या अलग-अलग समय मिलाकर 6 महीने तक खाली रहती है, तो उसे खाली माना जाएगा। फीस का हिसाब नीचे दी गई टेबल से समझें:
| विवरण | नियम और फीस |
|---|---|
| सालाना फीस | इमारत की कीमत का अधिकतम 5% |
| अधिकतम सीमा | Council of Ministers इसे 10% तक बढ़ा सकते हैं |
| फीस का आधार | प्रॉपर्टी की सही रेंटल वैल्यू के हिसाब से |
| भुगतान का समय | इनवॉइस मिलने के बाद 6 महीने का समय |
इस फीस से जो भी पैसा जमा होगा, उसका इस्तेमाल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स और शहरी विकास के काम में किया जाएगा।
क्या सभी को फीस देनी होगी और आपत्ति कैसे दर्ज करें?
कुछ खास हालात में मकान मालिकों को छूट दी जाएगी। अगर बिल्डिंग किसी ऐसी वजह से खाली है जो मालिक के कंट्रोल में नहीं है, या फिर ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट मिलने में देरी हुई है, तो छूट मिल सकती है। सरकार की तरफ से मालिकों को इनवॉइस भेजा जाएगा और उन्हें इस फैसले के खिलाफ आपत्ति जताने का पूरा हक होगा। अब इस सिस्टम का नया नाम White Lands and Vacant Real Estate Fees System रखा गया है, जिसमें खाली जमीनों को भी शामिल किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या यह नियम पूरे सऊदी अरब में लागू है?
नहीं, यह नियम केवल उन खास शहरों और भौगोलिक क्षेत्रों में लागू होगा जिन्हें मिनिस्टरियल फैसले के जरिए घोषित किया जाएगा।
खाली मकान की परिभाषा क्या है?
अगर कोई इमारत एक रेफरेंस साल के दौरान लगातार या अलग-अलग समय मिलाकर 6 महीने तक इस्तेमाल नहीं होती है, तो उसे खाली माना जाएगा।
