सऊदी अरब में पिछले दो सालों के भीतर गाड़ियों के इम्पोर्ट यानी आयात में बहुत बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। सऊदी टैक्स और कस्टम अथॉरिटी (ZATCA) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो सालों में लगभग 1.9 मिलियन यानी 19 लाख गाड़ियां सऊदी अरब में इम्पोर्ट की गई हैं। इस रेस में चीन सबसे बड़ा सप्लायर बनकर उभरा है। इसके साथ ही सऊदी सरकार ने विदेशों से गाड़ी मंगाने के नियमों और टैक्स में बड़े बदलाव किए हैं, जिनका असर वहां रहने वाले विदेशी प्रवासियों यानी एक्सपैट्स पर भी पड़ेगा।

सऊदी अरब में गाड़ी मंगाने के लिए ZATCA के नए नियम क्या हैं?

सऊदी टैक्स और कस्टम अथॉरिटी (ZATCA) ने गाड़ी इम्पोर्ट करने के नियमों को अपडेट किया है, जिसे हर प्रवासी और नागरिक को जानना जरूरी है:

  • गाड़ी की उम्र सीमा: छोटी गाड़ियों, बसों और हल्के वाहनों के लिए मॉडल साल 5 साल से पुराना नहीं होना चाहिए। भारी वाहनों और ट्रकों के लिए भी यही 5 साल की सीमा तय की गई है।
  • इन गाड़ियों पर है बैन: सऊदी अरब में ऐसी किसी भी गाड़ी को इम्पोर्ट करने की अनुमति नहीं है जो पहले टैक्सी, पुलिस कार या स्कूल बस के रूप में इस्तेमाल हो चुकी हो। इसके अलावा डैमेज गाड़ियों के लाने पर भी रोक है।
  • एंटीक गाड़ियां: जो गाड़ियां 30 साल से ज्यादा पुरानी हैं, उन्हें इम्पोर्ट तो किया जा सकता है, लेकिन उनके कस्टम कार्ड पर साफ़ लिखा होगा कि इन्हें आम सड़कों पर चलाने की अनुमति नहीं होगी।
  • प्रवासियों के लिए खास नियम: सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासी हर 3 साल में केवल एक पर्सनल गाड़ी इम्पोर्ट कर सकते हैं। इसके अलावा वे इस गाड़ी को इम्पोर्ट करने की तारीख से अगले 3 साल तक बेच नहीं सकते। वहीं जीसीसी देशों के नागरिक हर साल 2 गाड़ियां इम्पोर्ट कर सकते हैं।

सऊदी अरब में गाड़ी मंगाने पर कितना लगेगा टैक्स और ड्यूटी?

विदेश से गाड़ी लाने पर कस्टम ड्यूटी और वैट के साथ-साथ एनर्जी एफिशिएंसी के नियमों का पालन करना अनिवार्य है:

  • ड्यूटी और वैट: सऊदी अरब में गाड़ी इम्पोर्ट करने पर गाड़ी की कुल कीमत का 5% कस्टम ड्यूटी लगती है। इसके ऊपर कुल कीमत और ड्यूटी मिलाकर 15% वैट (VAT) भी देना होता है।
  • एनर्जी एफिशिएंसी नियम: सभी गाड़ियां सऊदी मानक (SASO) के एनर्जी एफिशिएंसी सर्टिफिकेट के अनुसार होनी चाहिए। अगर कोई पुरानी गाड़ी नियमों का पालन नहीं करती है, तो उसकी कीमत का 20% से 50% तक जुर्माना लग सकता है, जो कम से कम 20,000 रियाल होगा।
  • सेल्फ-सर्विस सुविधा: ZATCA ने अपनी वेबसाइट पर पर्सनल गाड़ी इम्पोर्ट करने वालों के लिए एक डायरेक्ट पोर्टल भी शुरू किया है, जिससे लोग खुद ही ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

सऊदी अरब में गाड़ियों के इम्पोर्ट का आंकड़ा और मुख्य सप्लायर देश

सऊदी अरब का ऑटोमोटिव बाजार दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक है। पिछले दो सालों में गाड़ियों के इम्पोर्ट का पूरा विवरण इस प्रकार है:

विवरण आंकड़े और जानकारी
पिछले 2 सालों में कुल इम्पोर्ट लगभग 1.9 मिलियन (19 लाख) गाड़ियां
साल 2024 में इम्पोर्ट 942,118 गाड़ियां
साल 2025 में इम्पोर्ट 959,403 गाड़ियां
नंबर वन सप्लायर देश चीन
अन्य प्रमुख सप्लायर देश जापान (दूसरे नंबर पर), भारत (तीसरे नंबर पर), थाईलैंड, दक्षिण कोरिया और अमेरिका

यह पूरा बदलाव सऊदी अरब के विजन 2030 का हिस्सा है, जिसके तहत देश में खुद का ऑटोमोटिव हब बनाया जा रहा है ताकि विदेशों से गाड़ियों के इम्पोर्ट को कम किया जा सके और स्थानीय स्तर पर गाड़ियों का निर्माण हो सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासी कमर्शियल वाहन इम्पोर्ट कर सकते हैं?

नहीं, व्यक्तिगत रूप से प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों को बस या भारी कमर्शियल वाहनों को इम्पोर्ट करने की इजाजत नहीं है। वे केवल अपने इस्तेमाल के लिए पर्सनल कार मंगा सकते हैं।

सऊदी अरब का विजन 2030 ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए क्या है?

सऊदी अरब का लक्ष्य साल 2030 तक देश के भीतर सालाना 4 लाख गाड़ियों का उत्पादन करना है। इसके साथ ही रियाद में 30% इलेक्ट्रिक गाड़ियां चलाने का लक्ष्य रखा गया है।