सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय ने वीज़ा ओवरस्टे करने वाले लोगों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। अब वीज़ा की समय सीमा खत्म होने के बाद भी रुकने वालों पर भारी जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है। यह नियम उन सभी प्रवासियों और सैलानियों के लिए है जो सऊदी अरब में रह रहे हैं या वहां यात्रा करते हैं।
वीज़ा ओवरस्टे करने पर क्या सजा मिलेगी?
सऊदी प्रेस एजेंसी (SPAENG) के माध्यम से दी गई जानकारी के अनुसार, वीज़ा की अवधि समाप्त होने के बाद भी देश में रुकने वालों को इन कानूनी कार्रवाइयों का सामना करना पड़ेगा:
- भारी जुर्माना: उल्लंघन करने वाले व्यक्ति पर 50,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
- जेल की सजा: नियमों को तोड़ने वालों को छह महीने तक की कैद हो सकती है।
- देश निकाला: वीज़ा ओवरस्टे करने वालों को डिपोर्ट (deport) करके उनके देश भेज दिया जाएगा।
पासपोर्ट विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, रजब (2026) के महीने में रेजिडेंसी और लेबर नियमों के उल्लंघन के कारण करीब 20,000 प्रशासनिक फैसले लिए गए, जिनमें जुर्माना और डिपोर्टेशन शामिल था।
ग्रेस पीरियड और स्पॉन्सर्स के लिए क्या नियम हैं?
सरकार ने पहले एक राहत अवधि (grace period) दी थी, जो 18 अप्रैल 2026 को खत्म हो चुकी है। यह सुविधा उन लोगों के लिए थी जिनके विजिट, उमराह, ट्रांजिट और फाइनल एग्जिट वीज़ा 25 फरवरी 2026 या उसके बाद खत्म हुए थे। अब इस तारीख के बाद सभी के लिए पुराने और सख्त नियम लागू होंगे।
सिर्फ वीज़ा धारक ही नहीं, बल्कि स्पॉन्सर्स पर भी बड़ी जिम्मेदारी डाली गई है। अगर कोई स्पॉन्सर वीज़ा ओवरस्टे की जानकारी अधिकारियों को नहीं देता है, तो उसे भी भारी जुर्माना देना होगा। गैर-सऊदी निवासी स्पॉन्सर्स के लिए इसमें 50,000 रियाल तक का जुर्माना, जेल और डिपोर्टेशन की सजा का प्रावधान है।