सऊदी अरब की Vision 2030 योजना के बड़े नतीजे सामने आ रहे हैं। अब सऊदी अरब आर्थिक अवसरों की समानता के मामले में दुनिया में चौथे नंबर पर पहुंच गया है। सरकार का लक्ष्य है कि देश के हर नागरिक और निवेशक को आगे बढ़ने का बराबर मौका मिले और अर्थव्यवस्था सिर्फ तेल पर निर्भर न रहे।

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रोजगार में समानता के लिए नया नियम

सऊदी सरकार ने साल 2025 की शुरुआत में ‘नेशनल पॉलिसी टू प्रमोट इक्वल अपॉर्चुनिटीज’ को मंजूरी दी थी। इस पॉलिसी का मुख्य मकसद नौकरी और काम के क्षेत्र में किसी भी तरह के भेदभाव को खत्म करना है। इसके तहत अब यह पक्का किया जाएगा कि सभी को नौकरी के समान अवसर मिलें और समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए।

महिलाओं की भागीदारी में भारी बढ़त

सऊदी अरब में महिलाओं के लिए नौकरी के रास्ते तेजी से खुले हैं। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2017 में वर्कफोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी सिर्फ 17% थी, जो 2024 की तीसरी तिमाही तक बढ़कर 35.4% हो गई है।

ग्लोबल रैंकिंग में सऊदी का दबदबा

IMD वर्ल्ड कॉम्पिटिटिवनेस ईयरबुक 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब दुनिया के 70 देशों में 13वें स्थान पर है। वहीं G20 देशों की सूची में सऊदी अरब तीसरे नंबर पर रहा है। बैंकिंग, साइबर सिक्योरिटी और इंटरनेट सेवाओं जैसे कुछ खास क्षेत्रों में सऊदी अरब ने दुनिया में पहला स्थान हासिल किया है।

विदेशी निवेशकों और प्रवासियों के लिए लाभ

सऊदी अरब ने विदेशी निवेशकों के लिए नियमों को बहुत सरल बना दिया है। अब विदेशी निवेशकों को भी वही अधिकार और गारंटी मिलती है जो सऊदी नागरिकों को मिलती है। वे अब ज़्यादातर सेक्टर में अपने प्रोजेक्ट्स के पूरे मालिक बन सकते हैं, जिससे प्रवासियों और बाहरी कारोबारियों के लिए निवेश करना आसान हो गया है।

अर्थव्यवस्था की रफ्तार

IMF और OECD जैसी संस्थाओं ने सऊदी अरब की आर्थिक स्थिति को मजबूत बताया है। IMF ने अनुमान लगाया है कि संरचनात्मक सुधारों और प्राइवेट सेक्टर की सक्रियता की वजह से 2025 और 2026 में सऊदी की आर्थिक ग्रोथ 4% तक रहेगी।