सऊदी अरब में औद्योगिक क्षेत्र बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। विज़न 2030 के तहत देश में फैक्ट्रियों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। अब यहाँ सिर्फ तेल पर निर्भरता नहीं रही, बल्कि सामान बनाने वाली फैक्ट्रियां भी तेजी से खड़ी हो रही हैं। यह बदलाव आने वाले समय में रोजगार और अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा संकेत है।
सऊदी अरब में फैक्ट्रियों की संख्या में कितनी बढ़त हुई?
विज़न 2030 की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब में फैक्ट्रियों की संख्या 7.2 हजार से बढ़कर 13 हजार तक पहुंच गई है। अगर सरकारी आंकड़ों को देखें तो साल 2016 में फैक्ट्रियों की संख्या 7,206 थी, जो 2023 तक बढ़कर 11,549 हो गई। यह लगभग 60 प्रतिशत की ग्रोथ है।
Ministry of Industry and Mineral Resources ने बताया कि साल 2023 में मौजूदा फैक्ट्रियों में 10 प्रतिशत की बढ़त हुई। साथ ही, जनवरी 2025 में 103 नई फैक्ट्रियों को लाइसेंस दिए गए, जिससे करीब 1,504 नई नौकरियां पैदा हुईं और 900 मिलियन रियाल का निवेश आया। सरकार का लक्ष्य है कि 2035 तक फैक्ट्रियों की कुल संख्या को बढ़ाकर 36,000 किया जाए।
किन शहरों में सबसे ज्यादा फैक्ट्रियां हैं और निवेश कितना है?
सऊदी अरब के अलग-अलग इलाकों में फैक्ट्रियों का जाल बिछाया जा रहा है। इसमें रियाद शहर सबसे आगे है। इन सभी औद्योगिक इकाइयों में कुल निवेश करीब 1.5 ट्रिलियन रियाल (400 बिलियन डॉलर) होने का अनुमान है।
| शहर/क्षेत्र | फैक्ट्रियों की संख्या (2023) |
|---|---|
| Riyadh | 4,502 |
| Eastern Province | 2,618 |
| Makkah | 2,209 |
Crown Prince Mohammed bin Salman ने National Industrial Strategy के जरिए देश को एक ग्लोबल इंडस्ट्रियल पावरहाउस बनाने का लक्ष्य रखा है। Investment Minister Khalid Al-Falih ने जनवरी 2026 में बताया कि सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था 2024 तक करीब 1.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। इस पूरे विकास में National Industrial Development and Logistics Program (NIDLP) की अहम भूमिका है जो एनर्जी, माइनिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बदल रहा है।