सूडान के सोने को लेकर खाड़ी देशों में रस्साकशी तेज हो गई है। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच इस कीमती धातु पर नियंत्रण को लेकर भू-राजनीतिक खींचतान चल रही है। सऊदी अरब ने 29 जनवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर सूडान से सीधे सोना खरीदने और उसे अपनी रिफाइनरी में प्रोसेस करने का ऐलान किया है, जिससे UAE के पुराने दबदबे को सीधी चुनौती मिली है।

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सऊदी अरब और UAE के बीच क्यों बढ़ी तकरार?

ऐतिहासिक रूप से सूडान का लगभग 90% आधिकारिक सोना दुबई भेजा जाता था। साल 2024 के शुरुआती 9 महीनों में ही सूडान ने 1.05 बिलियन डॉलर का सोना UAE भेजा था। हालांकि, अब हालात बदल रहे हैं क्योंकि सूडान की सैन्य सरकार (SAF) ने UAE पर विरोधी गुट RSF को मदद देने का आरोप लगाया है।

इस कूटनीतिक विवाद के चलते सूडान ने अपना व्यापार UAE से हटाकर सऊदी अरब की तरफ मोड़ना शुरू कर दिया है। सऊदी अरब की रिफाइनरी ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि वे सूडान से आने वाले किसी भी मात्रा के सोने को प्रोसेस करने के लिए तैयार हैं। मिस्र और सऊदी अरब ने उन रास्तों पर भी निगरानी बढ़ा दी है, जिनका इस्तेमाल पहले सप्लाई के लिए होता था।

सोने की तस्करी और सरकारी खजाने को नुकसान

सूडान में सोने का उत्पादन काफी ज्यादा है, लेकिन सरकारी आंकड़ों में यह कम दिखता है। आधिकारिक डेटा के अनुसार स्थिति कुछ इस प्रकार है:

  • 2025 में सूडान का कुल सोना उत्पादन करीब 70 टन रहा।
  • सरकारी रिकॉर्ड में इसमें से केवल 20 टन ही निर्यात दिखाया गया।
  • बाकी बचा 50 टन यानी करीब 80% सोना अवैध रास्तों से बाहर गया।
  • इस तस्करी से सूडान सरकार को हर साल करीब 5 बिलियन डॉलर (41,000 करोड़ रुपये) का नुकसान होता है।

भारत के मुकाबले कितना सस्ता है सूडान का सोना?

भारतीय बाजार और सूडान के सोने के भाव में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। 1 फरवरी 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, सूडान में सोने की दरें भारत की तुलना में काफी कम हैं। वहां सोना भारत के मुकाबले प्रति किलोग्राम लगभग 1,39,927 रुपये सस्ता पड़ रहा है।

सूडान में 24 कैरेट सोने की कीमत स्थानीय मुद्रा में अलग चलती है, लेकिन भारतीय रुपये में कनवर्ट करने पर यह काफी किफायती जान पड़ता है। सऊदी अरब के फ्यूचर मिनरल्स फोरम में हुए नए समझौते के बाद अब उम्मीद है कि तस्करी रुकेगी और यह सोना सही रास्ते से बाजार में आएगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.