सऊदी अरब और इराक के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। सऊदी अरब ने इराक के राजदूत को रियाद बुलाकर सख्त हिदायत दी है। सऊदी सरकार का कहना है कि इराक को अपनी सरजमीं से होने वाले हमलों और खतरों को जिम्मेदारी से रोकना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो सऊदी अरब अपनी सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के लिए कोई भी जरूरी कदम उठाएगा।

Saudi Arabia ने इराक के राजदूत को क्यों बुलाया?

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने 12 अप्रैल 2026 को इराक के राजदूत को तलब किया। यह फैसला उन ड्रोन हमलों के बाद आया जो इराक की धरती से सऊदी और अन्य खाड़ी देशों को निशाना बना रहे थे। सऊदी अरब ने साफ कर दिया कि वह अपनी सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।

इस तनाव के पीछे का असली कारण क्या है?

यह पूरा मामला फरवरी 2026 से शुरू हुए ईरान युद्ध से जुड़ा है। अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद ईरान और उससे जुड़े गुटों ने खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन दागे। 3 अप्रैल 2026 को भी ईरान ने 14 ड्रोन दागे थे जिन्हें सऊदी अरब ने बीच हवा में ही इंटरसेप्ट कर गिरा दिया था।

अन्य खाड़ी देशों का इस पर क्या कहना है?

सऊदी अरब के साथ UAE, कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन ने भी इन हमलों की निंदा की है। इन देशों ने मार्च 2026 में एक साझा बयान जारी कर कहा था कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। इस मामले में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का भी जिक्र किया गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.