सऊदी अरब के गृह मंत्रालय और पब्लिक सिक्योरिटी ने हज और उमराह यात्रियों को सेवाएं देने वाली कंपनियों को एक सख्त चेतावनी जारी की है। यदि कोई कंपनी अपने यहां आने वाले तीर्थयात्रियों या उमराह पर आए लोगों के वीज़ा की अवधि खत्म होने के बाद भी अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं देती है, तो उन्हें 1 लाख सऊदी रियाल (SR 100,000) तक का भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। यह नियम उन सभी संस्थाओं पर लागू होता है जो तीर्थयात्रियों के प्रबंधन और उनकी देखरेख का काम करती हैं।
🚨: Riyadh में बड़ी कार्रवाई, 210 प्रवासी गिरफ्तार और 52 अवैध साइटें की गई बंद.।
जुर्माने का नियम और सख्ती
सऊदी सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह जुर्माना उल्लंघन करने वाले यात्रियों की संख्या के हिसाब से बढ़ाया जा सकता है। 28 जुलाई 2026 को जारी इस निर्देश का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी तीर्थयात्री अपनी तय समय सीमा के भीतर ही राज्य से बाहर चले जाएं। वीज़ा नियमों के पालन को लेकर प्रशासन इस बार काफी सख्त रुख अपना रहा है।
प्रवासी और प्रायोजकों (Sponsors) के लिए भी चेतावनी
नियम केवल कंपनियों के लिए ही नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए भी कड़े हैं। जो लोग वीज़ा खत्म होने के बाद भी सऊदी अरब में रुकते हैं, उन्हें 50,000 रियाल तक का जुर्माना, छह महीने तक की जेल और अंत में उनके देश निर्वासन (deportation) का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, सऊदी नागरिक या निवासी जो किसी को स्पॉन्सर करते हैं, उनकी भी जिम्मेदारी है कि वे वीज़ा की अवधि पर नजर रखें। यदि वे तय समय पर सूचना नहीं देते हैं, तो उन पर भी 50,000 रियाल का जुर्माना और छह महीने तक की जेल हो सकती है।
