सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan ने हाल ही में ईरान द्वारा क्षेत्रीय सुरक्षा को दी जा रही चुनौतियों पर कड़ा रुख अपनाया है। 12 जुलाई 2026 को उन्होंने स्पष्ट किया कि खाड़ी देशों की संप्रभुता पर किसी भी तरह का खतरा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने ईरान के हालिया हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।

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क्षेत्र में फैला तनाव और हमलों का असर

ईरान द्वारा किए गए हमलों में कई देशों को निशाना बनाया गया है। ओमान के तट पर M/V GFS Galaxy नाम के जहाज पर हुए हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर लापता है। इसके अलावा, ओमान में ड्रोन हमले हुए, कतर के Al Udeid Air Base पर बैलिस्टिक मिसाइल गिरी और जॉर्डन में भी तीन मिसाइलें देखी गईं। सऊदी अरब ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था के तहत अधिकतर हमलों को नाकाम किया, हालांकि रियाद में एक रिफाइनरी के पास मलबे गिरने की खबर है।

पर्यटन और हवाई यात्रा पर पड़ा भारी असर

इन बढ़ते सैन्य तनावों के कारण पूरे क्षेत्र में सामान्य जनजीवन और व्यापार पर बुरा असर पड़ा है। आंकड़ों के अनुसार, मध्य पूर्व में पर्यटकों के आने में 14 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है और हवाई यात्रियों की संख्या में 46.6 प्रतिशत की भारी कमी आई है। सऊदी विदेश मंत्री ने कहा कि यदि ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो सऊदी अरब और उसके सहयोगी देश कड़ा सैन्य जवाब देने के लिए तैयार हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.