सऊदी अरब और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने ईरान को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वह किसी भी तरह की ‘गलतफहमी’ या ‘गलत कैलकुलेशन’ न करे। 8 मार्च 2026 को आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी डिफेंस सिस्टम ने रियाद और प्रिंस सुल्तान एयर बेस की तरफ आ रहे 15 ड्रोन और दो बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है। इस तनाव का असर अब खाड़ी देशों में रहने वाले आम लोगों और भारतीय प्रवासियों पर भी दिखने लगा है।

आम लोगों और फ्लाइट्स पर क्या असर पड़ा?

इस संघर्ष के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों की दिनचर्या पर बड़ा असर पड़ा है। सुरक्षा को देखते हुए UAE और सऊदी अरब में रहने वालों को मोबाइल पर इमरजेंसी अलर्ट भेजे गए हैं और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

  • फ्लाइट्स पर असर: 28 फरवरी के बाद से अब तक पूरे मिडिल ईस्ट में लगभग 32,500 फ्लाइट्स कैंसिल हो चुकी हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है।
  • परीक्षाएं टलीं: सुरक्षा हालात को देखते हुए भारत के CBSE बोर्ड ने गल्फ रीजन में 12वीं कक्षा की परीक्षाएं अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी हैं।
  • ओमान की तैयारी: ओमान का विदेश मंत्रालय अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए इमरजेंसी इंतजाम कर रहा है।

सऊदी और कुवैत में हमलों की जानकारी

सऊदी विदेश मंत्रालय ने हालिया हमलों को कायराना बताया है और अपनी सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं। सऊदी डिफेंस ने बताया कि रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर, जहां अमेरिकी दूतावास भी है, उसको निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। इससे पहले रास तनूरा रिफाइनरी और शायबाह तेल क्षेत्र पर भी हमले हुए थे।

कुवैत में भी इसका असर दिखा है। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक पर ड्रोन से हमला हुआ, जिसके बाद वहां कच्चे तेल के उत्पादन में एहतियातन कटौती कर दी गई है। सऊदी रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ के साथ भी सुरक्षा को लेकर बातचीत की है।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्या चल रहा है?

इस पूरे मामले पर दुनिया की नजर बनी हुई है। खाड़ी देशों (GCC) और यूरोपीय संघ (EU) के विदेश मंत्रियों ने एक मीटिंग में साफ किया है कि आर्टिकल 51 के तहत गल्फ देशों को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है।

दूसरी तरफ, ईरान की तरफ से भी बयान आया है। IRGC के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी ने दावा किया है कि उनकी सेना अगले छह महीने तक इसी तरह लड़ाई जारी रखने में सक्षम है। वहीं, अमेरिका और इजरायल ने 7 मार्च को पहली बार ईरानी तेल उत्पादन ठिकानों को निशाना बनाया है। इजरायल ने बेरूत में भी एक सटीक हमला किया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com