सऊदी अरब के कई हिस्सों में मौसम बिगड़ने वाला है। नेशनल सेंटर ऑफ मेटियोरोलॉजी (NCM) ने 29 अप्रैल 2026 के लिए चेतावनी जारी की है। कई शहरों में भारी बारिश और धूल भरी आंधी चलने की संभावना है, जिससे आम जनजीवन और यातायात प्रभावित हो सकता है।

किन इलाकों में होगी भारी बारिश और ओले?

मौसम विभाग के मुताबिक मक्का, अल-बहा, असिर, जज़ान और नजरीन के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होगी। इस बारिश के साथ ओले भी गिर सकते हैं। विभाग ने यह भी आगाह किया है कि भारी बारिश की वजह से कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ (flash floods) आने का खतरा बना हुआ है।

धूल भरी आंधी और विजिबिलिटी का क्या अपडेट है?

मदीना में धूल भरी आंधी चलने की उम्मीद है। मक्का में तेज हवाओं और धूल की वजह से विजिबिलिटी काफी कम हो सकती है, जिससे सड़क पर चलने वालों को दिक्कत आएगी। इसके अलावा रियाद में भी मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। वहीं पूर्वी प्रांत, उत्तरी सीमा, तबुक, हेल और अल-कासिम में हल्की से मध्यम बारिश और धूल भरी हवाएं चल सकती हैं।

यह खराब मौसम कब तक रहेगा?

यह अस्थिर मौसम 29 अप्रैल से 3 मई 2026 तक बना रह सकता है। नजरीन, जज़ान और असिर में 3 मई तक बारिश जारी रहने की संभावना है। अल-बहा में 2 और 3 मई को भारी बारिश हो सकती है। मक्का और उसके आसपास के इलाकों जैसे ताइफ़ और मैसन में 2 से 3 मई के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मक्का और मदीना में मौसम कैसा रहेगा?

मक्का में भारी बारिश, ओले और कम विजिबिलिटी की संभावना है, जबकि मदीना में धूल भरी आंधी चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

यह मौसम चेतावनी कितने दिनों के लिए है?

नेशनल सेंटर ऑफ मेटियोरोलॉजी ने यह अलर्ट 29 अप्रैल से 3 मई 2026 तक के लिए जारी किया है, जिसमें अलग-अलग शहरों में बारिश की तीव्रता अलग होगी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.