سعودی عرب में रहने वाले लोगों और प्रवासियों के लिए मौसम से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। सऊदी अरब के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (NCM) ने जानकारी दी है कि आने वाली सर्दियों में कड़ाके की ठंड यानी गंभीर शीत लहर पड़ने की संभावना बहुत कम है। इस बदलाव का मुख्य कारण ‘अल नीनो’ (El Niño) प्रभाव को बताया गया है, जिसकी वजह से आने वाले महीनों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा सकता है।

अल नीनो का सऊदी अरब के मौसम पर क्या असर पड़ेगा?

क्षेत्रीय जलवायु परिवर्तन केंद्र की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, प्रशांत महासागर के पानी में होने वाले इस गर्म बदलाव के कारण सऊदी अरब में सालभर का औसत तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इसका असर कुछ इस तरह दिखेगा:

  • सर्दियों में कम ठंड: आने वाली सर्दियों के दौरान रात के समय तापमान में होने वाली भारी गिरावट काफी कम होगी, जिससे कड़ाके की ठंड नहीं सताएगी।
  • तेज लू का प्रकोप: इस साल गर्मी और शरद ऋतु यानी सितंबर से नवंबर के दौरान देश के कई हिस्सों में बेहद तेज लू चलने की आशंका बनी हुई है।
  • रात का तापमान: रात के समय भी मौसम सामान्य से अधिक गर्म महसूस होने की उम्मीद है।

बारिश और अचानक बाढ़ आने को लेकर मिली चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, इस मौसमी बदलाव का असर केवल तापमान पर ही नहीं बल्कि बारिश पर भी पड़ने वाला है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि सितंबर से नवंबर के महीनों के दौरान सऊदी अरब के पश्चिमी हिस्सों में अचानक भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। इसके अलावा, अक्टूबर 2026 से मई 2027 के बीच होने वाले बारिश के मौसम में देश के अन्य बड़े इलाकों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा और अच्छी बारिश देखी जा सकती है।

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने भी जताई चिंता

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने भी इसे लेकर वैश्विक स्तर पर एक अलर्ट जारी किया है। संगठन का कहना है कि जून से अगस्त के बीच अल नीनो के सक्रिय होने की संभावना लगभग 80 प्रतिशत तक है। यह मौसमी बदलाव नवंबर तक या उससे भी ज्यादा समय तक बना रह सकता है, जिससे दुनिया के कई हिस्सों में मौसम की चरम सीमा देखने को मिल सकती है। सऊदी मौसम विभाग ने प्रवासियों और नागरिकों को लगातार मौसम की आधिकारिक जानकारियों पर नजर रखने की सलाह दी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या इस साल सऊदी अरब में भारी ठंड पड़ेगी?

मौसम विभाग के मुताबिक, अल नीनो प्रभाव के कारण इस बार सऊदी अरब में कड़ाके की ठंड या गंभीर शीत लहर चलने की संभावना काफी कम है।

अल नीनो के कारण सऊदी में बारिश पर क्या असर हो सकता है?

इसके असर से सितंबर से नवंबर के बीच पश्चिमी सऊदी अरब में अचानक बाढ़ आ सकती है और अक्टूबर से मई के बीच देश के अन्य इलाकों में भी भारी बारिश होने की संभावना है।