सऊदी अरब ने अमेरिका के उस बड़े फैसले का जोरदार स्वागत किया है जिसमें सूडान के मुस्लिम ब्रदरहुड को एक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया गया है। सऊदी के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर खास बातचीत की और इस कदम को क्षेत्र की शांति के लिए बेहद जरूरी बताया। यह फैसला सूडान में चल रही हिंसा और अस्थिरता को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

👉: Saudi Arabia New Law: सऊदी अरब में साल 2026 होगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का साल, कैबिनेट ने दी मंज़ूरी

आखिर अमेरिका ने यह फैसला क्यों लिया और सऊदी ने क्या कहा?

अमेरिकी विदेश विभाग ने मार्च 2026 में सूडान के मुस्लिम ब्रदरहुड को वैश्विक आतंकवादी संगठन के रूप में नामित करने का ऐलान किया था। अमेरिका का साफ कहना है कि यह संगठन आम नागरिकों के खिलाफ हिंसा फैला रहा है और सूडान में लोकतांत्रिक व्यवस्था को बिगाड़ने का काम कर रहा है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने 11 मार्च को मार्को रुबियो से फोन पर चर्चा के दौरान कहा कि किंगडम उन सभी उपायों के साथ खड़ा है जो क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करते हैं। यह पाबंदी 16 मार्च 2026 से पूरी तरह लागू हो गई है।

इस फैसले के बाद अब क्या बड़े बदलाव होंगे?

इस प्रतिबंध के लागू होने के बाद अब इस संगठन पर कई तरह की कानूनी और आर्थिक बंदिशें लग गई हैं। इसकी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:

  • सूडानी मुस्लिम ब्रदरहुड की अमेरिका में मौजूद किसी भी तरह की संपत्ति या बैंक खातों को तुरंत फ्रीज कर दिया गया है।
  • अब कोई भी अमेरिकी व्यक्ति या कंपनी इस संगठन के साथ किसी भी तरह का व्यापार या पैसों का लेन-देन नहीं कर सकेगी।
  • इस संगठन में अल-बारा बिन मलिक ब्रिगेड (BBMB) जैसे सशस्त्र गुट भी शामिल हैं जिन्हें पहले से ही हिंसा के लिए जिम्मेदार माना गया है।
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक इस ग्रुप को ईरान की सेना से भी ट्रेनिंग और मदद मिलने की बात सामने आई है।
  • सऊदी अरब और अमेरिका मिलकर अब इस बात पर जोर दे रहे हैं कि क्षेत्र में किसी भी तरह की चरमपंथी विचारधारा को पनपने न दिया जाए।