सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात की है। इस बातचीत के दौरान सऊदी अरब ने अमेरिका के उस फैसले का स्वागत किया है जिसमें सूडान में सक्रिय मुस्लिम ब्रदरहुड की शाखा को आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है। सऊदी अरब ने स्पष्ट किया है कि वह चरमपंथ के खिलाफ उठाए जाने वाले हर कदम के साथ खड़ा है। यह फैसला क्षेत्रीय सुरक्षा और खाड़ी देशों की स्थिरता के लिए काफी अहम माना जा रहा है।

ℹ: Saudi Arabia News: सऊदी अरब पर दागी गई 7 बैलिस्टिक मिसाइलें, अमेरिका और सऊदी विदेश मंत्री के बीच हुई बड़ी बात

अमेरिका के इस नए फैसले में क्या है खास?

अमेरिकी विदेश विभाग ने सूडान के मुस्लिम ब्रदरहुड और उसके सशस्त्र विंग अल-बारा बिन मलिक ब्रिगेड को वैश्विक आतंकवादी सूची में डाल दिया है। रिपोर्ट के अनुसार इस संगठन पर सूडान में आम नागरिकों के खिलाफ हिंसा करने और शांति प्रयासों को बाधित करने के आरोप हैं। इस फैसले के बाद अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में आने वाली इस ग्रुप की सभी संपत्तियों को फ्रीज कर दिया गया है। सऊदी अरब ने इस कदम को अरब देशों की सुरक्षा मजबूत करने वाला बताया है।

इस फैसले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी और तारीखें

सऊदी और अमेरिका के बीच हुई इस बातचीत से साफ है कि दोनों देश क्षेत्र में बढ़ते कट्टरपंथ को रोकने के लिए एक साथ काम कर रहे हैं। इस संगठन पर लगे प्रतिबंधों के बाद अब किसी भी तीसरे पक्ष के लिए इनके साथ लेन-देन करना मुश्किल होगा।

तारीख मुख्य घटना
9 मार्च 2026 अमेरिका ने संगठन को वैश्विक आतंकी सूची में शामिल किया
11 मार्च 2026 सऊदी अरब और अमेरिका के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर चर्चा हुई
16 मार्च 2026 विदेशी आतंकवादी संगठन के तौर पर लिस्टिंग प्रभावी होगी

सऊदी अरब का यह समर्थन उसकी उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत वह पिछले कई सालों से मुस्लिम ब्रदरहुड जैसे संगठनों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। अमेरिका ने आरोप लगाया है कि इस ग्रुप को ईरान की तरफ से भी सहयोग मिल रहा था। इस कदम से सूडान में चल रहे संघर्ष को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।