सऊदी अरब ने अमेरिका के उस बड़े फैसले का समर्थन किया है जिसमें सूडान की मुस्लिम ब्रदरहुड शाखा को एक आतंकी संगठन माना गया है। सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से फोन पर बात की और इस कदम की तारीफ की। यह फैसला क्षेत्र की शांति और सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए लिया गया है।
अमेरिका ने इस संगठन को आतंकी क्यों घोषित किया?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के मुताबिक सूडान का मुस्लिम ब्रदरहुड आम नागरिकों के खिलाफ हिंसा का रास्ता अपनाता है। इस ग्रुप के लड़ाकों को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से ट्रेनिंग और अन्य मदद मिलती है। रूबियो ने यह भी कहा कि इस संगठन ने सूडान में लोकतंत्र लाने की कोशिशों को नाकाम किया है और वहां के झगड़ों को और बढ़ाया है।
इस फैसले से जुड़ी जरूरी तारीखें और नियम
| तारीख | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| 9 मार्च 2026 | अमेरिकी विदेश विभाग ने इसे वैश्विक आतंकी संगठन (SDGT) घोषित किया |
| 11 मार्च 2026 | सऊदी विदेश मंत्री ने फोन कॉल के जरिए फैसले का स्वागत किया |
| 16 मार्च 2026 | यह फैसला विदेशी आतंकी संगठन (FTO) के तौर पर प्रभावी हुआ |
| सितंबर 2025 | इसकी सशस्त्र शाखा अल-बरा बिन मलिक ब्रिगेड को आतंकी घोषित किया गया |
सऊदी अरब ने इस फैसले का समर्थन क्यों किया?
सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने साफ किया कि उनका देश उन सभी उपायों का साथ देता है जो क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ाते हैं। सऊदी अरब का मानना है कि सूडान जैसे देशों में शांति लाने के लिए ऐसे कड़े कदम उठाना जरूरी है। यह फैसला अमेरिका के इमिग्रेशन और नेशनललिटी एक्ट और एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 13224 के तहत लिया गया है।
