अमेरिका ने सूडान के मुस्लिम ब्रदरहुड को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है और सऊदी अरब ने इस फैसले का खुलकर स्वागत किया है. सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ फोन पर बात की और इस कदम को सही बताया. यह फैसला पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और शांति को मजबूत करने के लिए अहम माना जा रहा है.

🗞️: Saudi Arabia Big Update: सऊदी अरब ने 2026 को घोषित किया AI का साल, अब सरकारी कामकाज और अस्पतालों में दिखेगा बड़ा बदलाव

अमेरिका ने सूडान के मुस्लिम ब्रदरहुड को आतंकी क्यों माना?

अमेरिकी सरकार ने सूडान के मुस्लिम ब्रदरहुड (SMB) को एक वैश्विक आतंकी संगठन (SDGT) के तौर पर घोषित किया. इसके साथ ही इसके सैन्य विंग अल-बरा बिन मलिक ब्रिगेड को भी इस लिस्ट में रखा गया है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि यह संगठन आम लोगों के खिलाफ हिंसा का इस्तेमाल करता है और अपनी हिंसक विचारधारा को आगे बढ़ा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ग्रुप के लड़ाकों को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से ट्रेनिंग और मदद मिली थी. अमेरिका ने साफ किया कि वह आतंकी संसाधनों को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएगा.

सऊदी अरब और अन्य देशों ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?

सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने इस फैसले का समर्थन किया और कहा कि वाशिंगटन के ऐसे कदम क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करते हैं. फोन कॉल के दौरान उन्होंने सऊदी अरब और क्षेत्र के खिलाफ ईरान की आक्रामकता पर भी चर्चा की. सूडान के विदेश मंत्रालय ने भी इस फैसले का स्वागत किया और आतंकवाद के खिलाफ अपनी कड़ी स्थिति दोहराई. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी अमेरिका के इस कदम का समर्थन किया है. वहीं अमेरिकी सीनेटर जिम रिस्च ने सूडान के अन्य सशस्त्र समूहों, जैसे रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने सूडान के मुस्लिम ब्रदरहुड को कब आतंकी घोषित किया?

अमेरिका ने 9 मार्च 2026 को इसे ग्लोबल टेररिस्ट लिस्ट में डाला और 16 मार्च 2026 से इसे विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) के तौर पर वर्गीकृत किया गया.

इस आतंकी संगठन का संबंध किस देश से बताया जा रहा है?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के अनुसार, इस संगठन के लड़ाकों को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से प्रशिक्षण और समर्थन मिला है.