सऊदी अरब की काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में जेद्दा में हुई इस मीटिंग में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य ऑपरेशन रोकने के समझौते का स्वागत किया गया। इस बैठक में 2026 हज सीजन की सफलता और देश की मजबूत आर्थिक स्थिति पर भी चर्चा हुई।
अमेरिका और ईरान समझौते पर सऊदी का रुख
सऊदी सरकार ने अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य ऑपरेशन खत्म करने और स्थायी समझौते के लिए बातचीत शुरू करने के फैसले को सही बताया है। इस मामले में सऊदी अरब ने पाकिस्तान और कतर द्वारा की गई मध्यस्थता की तारीफ की। काउंसिल ने उम्मीद जताई कि इस शांति से दुनिया और क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ेगी और सभी देशों के आंतरिक मामलों का सम्मान होगा। साथ ही, सऊदी अरब ने Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को 28 फरवरी से पहले वाली स्थिति में वापस लाने पर जोर दिया है।
हज 2026 की बड़ी कामयाबी
बैठक के दौरान 2026 हज सीजन के सफल आयोजन पर खुशी जताई गई। इस साल 17 लाख से ज्यादा जायरीन ने बहुत ही सुकून और शांति के साथ अपनी इबादत पूरी की। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कन्फर्म किया है कि इस पूरे सीजन में कोई महामारी या स्वास्थ्य खतरा नहीं देखा गया। सरकार ने सुप्रीम हज कमेटी और सभी विभागों की मेहनत की सराहना की, जिन्होंने जायरीनों की आवक से लेकर उनकी वापसी तक बेहतरीन इंतजाम किए।
साइबर सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय पहचान
सऊदी अरब के लिए एक और बड़ी उपलब्धि यह रही कि रियाद को संयुक्त राष्ट्र संस्थान (UNITAR) के पहले साइबर सुरक्षा कार्यालय के मुख्यालय के रूप में चुना गया है। यह फैसला दुनिया में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सऊदी अरब की बढ़ती ताकत और नेतृत्व को जाहिर करता है। इससे आने वाले समय में देश में आर्थिक विकास और तकनीकी मजबूती आएगी।
अर्थव्यवस्था और नए कानूनी बदलाव
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के विशेषज्ञों ने सऊदी अर्थव्यवस्था की मजबूती की तारीफ की है। IMF के मुताबिक, सऊदी विजन 2030 के तहत किए गए सुधारों, मजबूत रिजर्व और अच्छे बुनियादी ढांचे की वजह से देश की आर्थिक स्थिति काफी लचीली है। इसके अलावा, कैबिनेट ने आतंकवाद और आतंकवाद के वित्तपोषण कानून समेत कई अन्य कानूनों में बदलाव को मंजूरी दी है। नेशनल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम की बात करें तो इसके 71 प्रतिशत काम पूरे हो चुके हैं।