सऊदी अरब में खाली पड़ी जमीनों (White Lands) के मालिकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। अब वे अपनी जमीन पर विकास कार्य पूरा करके चुकाए गए शुल्क को वापस पा सकते हैं। सरकार ने इसके लिए साफ नियम तय किए हैं ताकि लोग खाली जमीन पर निर्माण कार्य शुरू करें और जमीन की जमाखोरी रुके।
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नगरपालिका, ग्रामीण मामलों और आवास मंत्रालय (Ministry of Municipal, Rural Affairs and Housing) के मुताबिक, अगर जमीन का मालिक उस साल के भीतर विकास का काम पूरा कर लेता है जिस साल इनवॉइस जारी हुआ था, तो वह रिफंड के लिए आवेदन कर सकता है। यहाँ निर्माण का मतलब है परमिट के हिसाब से पूरी बिल्डिंग खड़ी करना और विकास का मतलब है बुनियादी ढांचा तैयार करना। अगर काम आधा-अधूरा रहता है, तो बचे हुए हिस्से पर शुल्क देना होगा।
नियम और समय सीमा
सऊदी सरकार ने इस संबंध में मई 2025 में शाही डिक्री नंबर (M/244) के जरिए कानून में बदलाव किए थे। इसके बाद 22 अगस्त 2025 को व्हाइट लैंड फीस के लागू करने वाले नियम जारी किए गए। खाली संपत्तियों के लिए नियमों को 13 मई 2026 को मंजूरी दी गई, लेकिन इनका संचालन अभी मंत्रालय के फैसलों के इंतजार में है।
जमीन मालिकों को इनवॉइस मिलने के एक साल के अंदर शुल्क जमा करना होता है। वहीं, अगर पुराने सालों के लिए इनवॉइस जारी किया गया है, तो उसे 90 दिनों के भीतर भरना होगा।
शुल्क और पात्रता की जानकारी
यह नियम उन जमीनों पर लागू होता है जिनका कुल क्षेत्रफल 5,000 वर्ग मीटर या उससे अधिक है और जो शहर की शहरी सीमा के भीतर आती हैं। हाल ही में जेद्दा और रियाद के लिए छठे चक्र के शुल्क जारी किए गए हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| वार्षिक शुल्क दर | जमीन की कीमत का 2.5% से 10% |
| न्यूनतम जमीन क्षेत्र | 5,000 वर्ग मीटर या उससे ज्यादा |
| भुगतान की अवधि | इनवॉइस जारी होने के 1 साल के भीतर |
| पुराने इनवॉइस के लिए समय | नोटिफिकेशन के 90 दिन के भीतर |
इस पूरी योजना का मकसद रियल एस्टेट मार्केट को सुधारना और सस्ते घरों की उपलब्धता बढ़ाना है। सरकार चाहती है कि लोग खाली प्लॉटों का इस्तेमाल करें ताकि शहर का विकास सही तरीके से हो सके।
