सऊदी अरब ने वैश्विक स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संयुक्त राष्ट्र की बाहरी अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग की समिति (COPUOS) में सऊदी अरब को पहला उपाध्यक्ष चुना गया है। 10 जून 2026 को हुए इस चुनाव में दुनिया भर के देशों ने सर्वसम्मति से सऊदी अरब का समर्थन किया। यह बड़ी जिम्मेदारी सऊदी अरब की अंतरिक्ष नीतियों और उसके वैश्विक प्रभाव को बढ़ाती है।

क्या है यह संगठन और सऊदी को मिला कौन सा बड़ा पद?

संयुक्त राष्ट्र की इस विशेष समिति का नाम COPUOS है, जिसमें दुनिया के 110 देश शामिल हैं। यह अंतरिक्ष से जुड़े नियमों और उसके शांतिपूर्ण उपयोग की निगरानी करने वाला सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच है। सऊदी अरब को इस समिति में पहला उपाध्यक्ष बनाया गया है।

इस पद पर रहते हुए सऊदी अरब समिति के कामकाज को संभालने, सदस्य देशों के बीच तालमेल बैठाने और अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण और सुरक्षित इस्तेमाल के लिए नीतियां बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस पूरे काम की देखरेख संयुक्त राष्ट्र का बाहरी अंतरिक्ष मामलों का कार्यालय (UNOOSA) करता है।

सऊदी अरब की तरफ से कौन संभालेगा यह बड़ी जिम्मेदारी?

इस बड़े पद पर सऊदी अरब का प्रतिनिधित्व Engineer Mureeh Al-Shahrani करेंगे। वह सऊदी अंतरिक्ष एजेंसी (Saudi Space Agency) में अंतरिक्ष प्रणाली और बुनियादी ढांचे के महानिदेशक हैं।

मरीह अल-शहराणी को अंतरिक्ष नीतियों और राष्ट्रीय क्षमता निर्माण में उनके विशेष योगदान के लिए जाना जाता है। इस जीत से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सऊदी अरब की साख बढ़ी है और यह साफ हुआ है कि दुनिया अंतरिक्ष क्षेत्र में सऊदी अरब की भूमिका को बहुत महत्वपूर्ण मानती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब को संयुक्त राष्ट्र की किस समिति में पद मिला है?

سعودي अरब को संयुक्त राष्ट्र की बाहरी अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग की समिति (COPUOS) में पहला उपाध्यक्ष चुना गया है।

इस पद पर सऊदी अरब का प्रतिनिधित्व कौन करेगा?

सऊदी अंतरिक्ष एजेंसी में अंतरिक्ष प्रणाली और बुनियादी ढांचे के महानिदेशक Engineer Mureeh Al-Shahrani इस पद पर सऊदी अरब का प्रतिनिधित्व करेंगे।