सऊदी अरब में काम करने वाले लोगों के लिए एक जरूरी रिपोर्ट सामने आई है। Saudi General Authority for Statistics (GASTAT) ने साल 2025 के स्वास्थ्य और सुरक्षा आंकड़ों का बुलेटिन जारी किया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि नौकरी से जुड़ी टेंशन या स्ट्रेस अब वहां के कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन गई है। यह खबर वहां काम करने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी काफी अहम है।

नौकरी का तनाव और सेहत पर असर क्या है?

GASTAT की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 12 महीनों में 6% कर्मचारियों ने काम के दबाव और तनाव की शिकायत की। यह संख्या पहले के मुकाबले काफी बढ़ी है, क्योंकि 2024 की रिपोर्ट में यह 2.1% और 2023 में 3.2% थी। इसके अलावा, आंखों और नजर से जुड़ी समस्याएं दूसरे नंबर पर रहीं, जिससे 3% कर्मचारी प्रभावित हुए।

काम के दौरान कौन से खतरे सबसे ज्यादा हैं?

  • लंबे समय तक खड़े रहना: करीब 25.3% लोग रोजाना कम से कम चार घंटे खड़े होकर काम करते हैं, जो एक बड़ा जोखिम माना गया है।
  • थकान और ओवरवर्क: 16.7% कर्मचारियों ने काम के दौरान बहुत ज्यादा थकान महसूस करने की बात कही है।
  • चोट के आंकड़े: 100,000 कर्मचारियों में से 245 लोगों को ऐसी चोटें आईं जो जानलेवा नहीं थीं, जबकि 1.3 लोगों की जान गई।

कंपनियों द्वारा बचाव और जागरूकता की स्थिति क्या है?

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 18 साल से ज्यादा उम्र के 76.7% कर्मचारियों को काम के खतरों के बारे में पता है। सुरक्षा के मोर्चे पर देखें तो 51.8% कर्मचारियों ने कहा कि उनके ऑफिस या कार्यस्थल पर बचाव के इंतजाम किए गए हैं। वहीं, 46.6% लोगों को लगा कि उनके रोजाना के कामों को आसान बनाने के लिए कुछ पहल की गई हैं। हालांकि, केवल 34.5% कर्मचारियों को उनके मालिक की तरफ से सेहत से जुड़ी कोई मदद या संसाधन मिले हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब में काम करने वालों के लिए सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्या क्या है?

GASTAT की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, काम से संबंधित तनाव (work-related stress) सबसे बड़ी समस्या है, जिससे 6% कर्मचारी प्रभावित हुए हैं।

काम के माहौल में सबसे ज्यादा कौन से जोखिम देखे गए?

सबसे आम जोखिम 25.3% लोगों के लिए लंबे समय तक खड़े रहना और 16.7% लोगों के लिए अत्यधिक थकान या ओवरवर्क रहा।