Saudi Arabia Work Visa: सऊदी अरब ने जारी किए लाखों वर्क वीज़ा, बांग्लादेश और इथियोपिया सबसे आगे, मुंबई से भी बड़ी संख्या
सऊदी अरब सरकार ने 2026 की पहली तिमाही के वर्क वीज़ा के आंकड़े जारी कर दिए हैं। इस बार बांग्लादेश और इथियोपिया जैसे देशों के लोगों को सबसे ज्यादा वीज़ा मिले हैं। भारत के मुंबई मिशन से भी बड़ी संख्या में वर्क वीज़ा जारी हुए हैं, जो वहां नौकरी के लिए जाने वाले प्रवासियों के लिए एक अहम जानकारी है।
किन देशों को मिले सबसे ज्यादा वर्क वीज़ा?
सऊदी अरब के विभिन्न दूतावासों और मिशनों के जरिए जारी किए गए वर्क वीज़ा की सूची नीचे दी गई है। इसमें बांग्लादेश के ढाका मिशन ने सबसे ज्यादा वीज़ा जारी किए हैं।
| मिशन (शहर) | वर्क वीज़ा की संख्या |
|---|---|
| ढाका | 1,16,928 |
| अदीस अबाबा | 83,196 |
| मुंबई | 67,614 |
| कराची | 66,403 |
| काहिरा | 48,942 |
| मनीला | 37,515 |
| इस्लामाबाद | 35,336 |
| खार्तूम | 21,520 |
| अदन | 21,251 |
वीज़ा और इकामा के नियमों में क्या बदलाव हुए?
सऊदी अरब ने 2026 की पहली तिमाही में कई बड़े बदलाव किए हैं। अब प्रवासियों के लिए 5 साल का फिजिकल इकामा (Resident ID) शुरू किया गया है। इसके अलावा, अब वर्क वीज़ा के लिए एक नया स्किल-आधारित सिस्टम लागू हुआ है। इसके तहत कामगारों को उनकी योग्यता, सैलरी और अनुभव के आधार पर हाई-स्किल्ड, स्किल्ड या बेसिक कैटेगरी में बांटा जाएगा।
किन बातों का रखना होगा ध्यान?
कुछ महत्वपूर्ण अपडेट्स हैं जो हर प्रवासी को पता होने चाहिए। सऊदी सरकार ने 6 फरवरी 2026 से भारत, मिस्र, पाकिस्तान और इंडोनेशिया समेत कई देशों के लिए टेंपरेरी वर्क वीज़ा की प्रक्रिया को कुछ समय के लिए रोक दिया है। साथ ही, 10 अप्रैल 2026 से 69 और प्रशासनिक नौकरियों में सऊदीकरण (Saudization) के नियमों को कड़ा किया गया है, जिससे विदेशी कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है।