Saudi Arabia Work Visa Update: सऊदी अरब ने जारी किए लाखों वर्क वीज़ा, भारत समेत कई देशों के प्रवासियों के लिए बदले नियम
सऊदी अरब में साल 2026 की पहली तिमाही में लाखों वर्क वीज़ा जारी किए गए हैं। इसमें ढाका और मुम्बई जैसे शहरों का बड़ा योगदान रहा है। साथ ही, सरकार ने नौकरी और रहने के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं, जिनका सीधा असर वहां काम करने वाले प्रवासियों और भारत से जाने वाले लोगों पर पड़ेगा।
🚨: Kuwait Coast Guard का बड़ा फैसला, 24 अप्रैल से फिशिंग और लेजर बोट्स के लिए दिन में खुलेगा समंदर।
किन शहरों से आए सबसे ज्यादा वर्क वीज़ा
सऊदी न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली तिमाही में अलग-अलग मिशनों के जरिए बड़ी संख्या में वर्क वीज़ा दिए गए। इनमें बांग्लादेश और इथियोपिया सबसे आगे रहे, जबकि भारत के मुम्बई शहर से भी भारी संख्या में लोग सऊदी पहुंचे। पूरा ब्यौरा नीचे दी गई टेबल में है।
| शहर/मिशन | वर्क वीज़ा की संख्या |
|---|---|
| Dhaka | 116,928 |
| Addis Ababa | 83,196 |
| Mumbai | 67,614 |
| Karachi | 66,403 |
| Cairo | 48,942 |
| Manila | 37,515 |
| Islamabad | 35,336 |
| Khartoum | 21,520 |
| Aden | 21,251 |
नौकरी के नियमों में क्या बदलाव हुए हैं
सऊदी सरकार ने अब Skill-based classification system लागू किया है। इसका मतलब है कि अब वर्क परमिट आपकी पढ़ाई, अनुभव और हुनर के आधार पर मिलेंगे। प्रवासियों को अब हाई, मीडियम और बेसिक स्किल के हिसाब से बांटा जाएगा। इसके अलावा, अब 5 साल का फिजिकल Iqama (रेजिडेंट आईडी) दिया जाएगा।
22 अप्रैल 2026 से सऊदीकरण (Saudization) के कड़े नियम भी लागू हुए हैं। अब रिसेप्शनिस्ट, कॉल सेंटर एजेंट और होटल रिसेप्शन जैसे कामों पर 100% सऊदी नागरिकों की नियुक्ति होगी। टूरिस्ट एजेंट और सेल्स रिप्रेजेंटेटिव के लिए यह कोटा 50% और मार्केटिंग रोल के लिए 60% रखा गया है।
प्रवासियों के लिए जरूरी अपडेट और चेतावनी
भारत, पाकिस्तान और मिस्र समेत 17 देशों के लिए 6 फरवरी 2026 से Temporary Work Visas (TWVs) पर रोक लगा दी गई है। सरकार चाहती है कि कंपनियां अब लंबी अवधि के Iqama पर लोगों को रखें। वहीं, जिन लोगों का कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गया है, उन्हें Labour Relation Initiative (LRI) के तहत 60 दिन का समय मिलेगा ताकि वे नया स्पॉन्सर ढूंढ सकें या देश छोड़ सकें।
विजिट और उमराह वीज़ा धारकों के लिए सरकार ने Absher प्लेटफॉर्म के जरिए इमरजेंसी एक्सटेंशन की सुविधा भी दी थी। अब सभी वर्क कॉन्ट्रैक्ट डिजिटल तौर पर रजिस्टर होंगे और सैलरी का भुगतान बैंकिंग सिस्टम के जरिए ही मॉनिटर किया जाएगा।