सऊदी अरब सरकार ने कामकाजी महिलाओं की मुश्किलों को कम करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. अब सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के दफ्तरों में बच्चों के लिए नर्सरी खोली जाएगी. इससे माता-पिता को अपने बच्चों की देखभाल और नौकरी के बीच तालमेल बिठाने में मदद मिलेगी और ऑफिस का माहौल पहले से बेहतर होगा.

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नर्सरी खोलने के क्या हैं नए नियम और शर्तें?

सऊदी काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने 20 अप्रैल 2026 को फैसला नंबर 783 जारी किया, जिसे 8 मई 2026 को सरकारी अखबार उम्म अल-कुरा में छापा गया. इस नए नियम के तहत शिक्षा मंत्रालय और मानव संसाधन एवं सामाजिक विकास मंत्रालय (MHRSD) मिलकर काम करेंगे. मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • लाइसेंस में आसानी: नर्सरी खोलने के लिए लाइसेंस मिलने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा ताकि दफ्तरों में इसे जल्दी शुरू किया जा सके.
  • वर्किंग ऑवर्स: नर्सरी का समय ऑफिस के समय के हिसाब से तय होगा, जिससे कर्मचारियों को सुविधा हो.
  • सुविधाएं: दफ्तरों को बच्चों के लिए सही जगह देनी होगी और वहां साफ-सफाई के साथ इंटरनेट और ट्रेंड स्टाफ की व्यवस्था रखनी होगी.
  • बजट: इन नर्सरी का खर्च मौजूदा बजट से ही पूरा किया जाएगा ताकि सरकार पर अतिरिक्त बोझ न पड़े.

नर्सरी न बनाने पर जुर्माना और आर्थिक मदद का प्रावधान

सरकार ने इस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए जुर्माने का प्रावधान भी किया है. साथ ही कुछ विशेष श्रेणियों के लिए आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई है:

  • जुर्माने का नियम: नवंबर 2025 और फरवरी 2026 के अपडेट के मुताबिक, जिस कंपनी में 50 या उससे ज्यादा महिलाएं काम करती हैं और उनके कम से कम 10 बच्चे 6 साल से कम उम्र के हैं, वहां नर्सरी होना जरूरी है. ऐसा न करने पर कंपनी को 3,000 सऊदी रियाल का जुर्माना भरना होगा.
  • वित्तीय सहायता: Human Resources Development Fund (HADAF) प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाली पात्र सऊदी कामकाजी माताओं के लिए बच्चों की देखभाल के खर्च का 50% तक (अधिकतम 1,600 रियाल प्रति बच्चा) वहन करेगा.

मार्च 2026 तक सऊदी अरब में 1,900 से ज्यादा लाइसेंस प्राप्त चाइल्डकेयर सेंटर थे, जिनमें 60,000 से अधिक बच्चे जा रहे थे. यह कदम सऊदी विजन 2030 का हिस्सा है, जिससे लेबर मार्केट में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी. यह नियम वहां रहने वाले भारतीय प्रवासियों और अन्य विदेशी कर्मचारियों के लिए भी मददगार साबित होगा क्योंकि प्राइवेट सेक्टर के बड़े दफ्तरों में अब बच्चों की देखभाल की सुविधा उपलब्ध होगी.

Frequently Asked Questions (FAQs)

कंपनियों पर जुर्माना कब लगेगा?

अगर किसी संस्थान में 50 या उससे अधिक महिलाएं कार्यरत हैं और उनके 10 से ज्यादा बच्चे 6 वर्ष से कम उम्र के हैं, और वहां नर्सरी की सुविधा नहीं है, तो 3,000 सऊदी रियाल का जुर्माना लगेगा.

HADAF फंड से कितनी मदद मिलेगी?

प्राइवेट सेक्टर की पात्र सऊदी कामकाजी माताओं को बच्चों की देखभाल के खर्च में 50% तक की मदद मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 1,600 सऊदी रियाल प्रति बच्चा है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.