सऊदी अरब में नौकरी करने वाले लोगों के लिए सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी रिपोर्ट सामने आई है। General Authority for Statistics (GASTAT) ने बताया है कि वहां काम करने वालों में जोखिम की समझ बढ़ रही है। यह खबर उन लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए भी बहुत जरूरी है जो सऊदी में रहकर काम कर रहे हैं और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं।

सऊदी अरब में वर्कप्लेस रिस्क और सेफ्टी के क्या आंकड़े हैं?

GASTAT की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 तक सऊदी अरब में 18 साल से ज्यादा उम्र के कर्मचारियों में जोखिम की समझ 76.7% तक पहुंच जाएगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि हर 100,000 कर्मचारियों में 245 गैर-घातक चोटें और 1.3 घातक चोटें दर्ज की गईं। इसमें सड़क दुर्घटनाओं को शामिल नहीं किया गया है।

  • निवारक उपाय: करीब 51.8% कर्मचारियों ने बताया कि उनके मालिकों ने सुरक्षा के इंतजाम किए हैं।
  • सुविधाएं: 46.6% लोगों ने कहा कि उन्हें आराम करने के लिए जगह और पोषण संबंधी प्रोग्राम दिए गए हैं।
  • स्वास्थ्य संसाधन: 34.5% कर्मचारियों के पास डॉक्टर या मनोवैज्ञानिक जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं मौजूद थीं।

काम के दौरान सबसे ज्यादा जोखिम लंबे समय तक खड़े रहने (25.3%) और थकान या क्षमता से अधिक काम करने (16.7%) के कारण देखा गया। स्वास्थ्य समस्याओं में तनाव 6% और आंखों की समस्या 3% पाई गई।

प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और मानवाधिकार संस्थाओं के दावे

सऊदी मानवाधिकार आयोग की अध्यक्ष डॉ. हला अल-तुवैजरी ने बताया कि विजन 2030 के सुधारों से सुरक्षा मानकों का पालन 15% से बढ़कर 73% हो गया है और काम के दौरान होने वाली मौतों में 70% की कमी आई है। उन्होंने कहा कि 60 से ज्यादा देशों के 15 मिलियन लोग वहां सुरक्षित माहौल में काम कर रहे हैं।

दूसरी तरफ, कुछ अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने चिंता जताई है। Human Rights Watch ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को गिरने और बिजली के झटके जैसी गंभीर दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है। Amnesty International ने रियाध मेट्रो प्रोजेक्ट पर काम करने वालों को 40-50 डिग्री की भीषण गर्मी और कम वेतन जैसी समस्याओं का सामना करने की बात कही। वहीं Walk Free की रिपोर्ट में NEOM प्रोजेक्ट के दौरान पिछले 8 सालों में 21,000 प्रवासी मजदूरों की मौत का दावा किया गया है।

नियमों का उल्लंघन करने पर क्या होगी कार्रवाई?

सऊदी अरब का लेबर लॉ सऊदी नागरिकों और प्रवासियों दोनों पर लागू होता है। गैर-सऊदी कर्मचारियों के लिए लिखित कॉन्ट्रैक्ट और वैध इकामा होना जरूरी है। Ministry of Human Resources and Social Development (MHRSD) इन नियमों को लागू करवाती है। अगर कोई कंपनी सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करती है, तो उस पर 25,000 सऊदी रियाल (करीब 6,664 डॉलर) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार गलती करने पर यह जुर्माना और बढ़ सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब में काम के दौरान सबसे आम जोखिम क्या हैं?

GASTAT के अनुसार सबसे आम जोखिम 4 घंटे या उससे ज्यादा समय तक खड़े रहना (25.3%) और थकान या क्षमता से अधिक काम करना (16.7%) है।

सुरक्षा नियमों का पालन न करने वाली कंपनियों पर क्या जुर्माना है?

MHRSD के नियमों के तहत सुरक्षा उल्लंघन पर कंपनियों को 25,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।