सऊदी अरब ने दुनिया भर में अपनी अर्थव्यवस्था और कामकाज को बेहतर बनाने में बड़ी कामयाबी पाई है। 2026 की World Competitiveness Yearbook रिपोर्ट में सऊदी अरब दुनिया के 70 देशों की लिस्ट में 13वें नंबर पर रहा है। वहीं अगर G20 देशों की बात करें तो सऊदी यहां तीसरे स्थान पर पहुंचा है।

यह रिपोर्ट International Institute for Management Development (IMD) के ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस सेंटर ने जारी की है। इस रिपोर्ट में यह देखा जाता है कि कोई देश अपने संसाधनों और क्षमताओं का इस्तेमाल करके लंबी अवधि के लिए कितनी तरक्की कर रहा है।

सरकारी और व्यापारिक कामकाज में सुधार

सऊदी अरब ने सरकारी दक्षता और बिजनेस चलाने के तरीकों में काफी सुधार किया है। वाणिज्य मंत्री (Minister of Commerce) डॉ. माजिद बिन अब्दुल्ला अल-कसाबी ने कहा कि यह बड़ी छलांग क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के निर्देशों और उनके विजन 2030 की वजह से मिली है। उन्होंने बताया कि देश में आर्थिक विकास और टिकाऊ तरक्की के लिए लगातार काम किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब ने कई अहम पैमानों पर अपनी रैंकिंग सुधारी है, जिसकी जानकारी नीचे टेबल में दी गई है:

पैमाना (Indicator) पुरानी रैंकिंग नई रैंकिंग (2026)
दुनिया भर में रैंक 13
G20 देशों में रैंक 3
आर्थिक प्रदर्शन (Economic Performance) 17 12
सरकारी दक्षता (Government Efficiency) 17 12
बिजनेस दक्षता (Business Efficiency) 12 9
इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) 31 28

सऊदी अरब ने कुल 17 संकेतकों में दुनिया के टॉप तीन देशों में जगह बनाई है। कुछ ऐसे क्षेत्र भी हैं जहां सऊदी अरब दुनिया में पहले नंबर पर रहा है। इनमें कमर्शियल सर्विस एक्सपोर्ट की ग्रोथ, ट्रेड की शर्तें, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विस का सपोर्ट, कंपनियों में साइबर सिक्योरिटी और इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या शामिल है।

IMD के अनुसार, सऊदी अरब की इस तरक्की के पीछे अंतरराष्ट्रीय व्यापार, रोजगार के मौके और बिजनेस से जुड़े कानूनों में किए गए बदलाव मुख्य कारण रहे हैं।