सऊदी अरब ने दुनिया भर में अपनी धाक जमा ली है. ग्लोबल कॉम्पिटिटिविटी रैंकिंग में सऊदी ने एक ऐसी छलांग लगाई है जिसे देखकर सब हैरान हैं. विजन 2030 के असर से अब सऊदी दुनिया के सबसे असरदार देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है.

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सऊदी अरब की रैंकिंग में कितना सुधार हुआ

International Institute for Management Development (IMD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब अब दुनिया में 17वें नंबर पर पहुंच गया है. साल 2018 में यह देश 39वें स्थान पर था, लेकिन अब इसने बड़ी छलांग लगाई है. पिछले चार सालों की बात करें तो सऊदी 32वें नंबर से बढ़कर 17वें स्थान पर आया है. इस कामयाबी के लिए नेशनल कॉम्पिटिटिविटी सेंटर और 65 सरकारी विभागों ने मिलकर काम किया है.

दूसरे देशों के मुकाबले सऊदी कहाँ खड़ा है

इस रैंकिंग में सऊदी ने कई बड़े देशों को पीछे छोड़ दिया है. दुनिया के अन्य प्रमुख देशों की स्थिति कुछ इस तरह रही है:

देश वर्तमान रैंकिंग बदलाव
कनाडा 11 +1
चीन 16 +2
सऊदी अरब 17 +19
ऑस्ट्रेलिया 18 +3
इंडोनेशिया 40 +2
भारत 41 +4
इटली 43 +1
ब्राजील 58 +3

इस कामयाबी के पीछे क्या वजह है

सऊदी सरकार का विजन 2030 इस तरक्की की सबसे बड़ी वजह है. रिपोर्ट के अनुसार, विजन 2030 के 93 प्रतिशत लक्ष्य पूरे हो चुके हैं या उनसे आगे निकल गए हैं. सरकार ने कानून बनाने के तरीके और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े सुधार किए हैं. क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने बताया कि विजन 2030 यह साबित करता है कि कैसे इरादों को हकीकत में बदला जा सकता है. अब आने वाले समय में सरकार रिन्यूएबल एनर्जी और कार्बन कम करने जैसे कामों पर ज्यादा ध्यान देगी.