सऊदी अरब के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है. वर्ल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स 2026 में सऊदी ने सबको चौंकाते हुए बड़ी तरक्की की है. देश अब दुनिया के 22 सबसे खुशहाल देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जो कि एक बड़ी उपलब्धि है.

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सऊदी अरब की रैंकिंग में कितना बड़ा बदलाव आया?

वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2026 के मुताबिक, सऊदी अरब पहले 37वें नंबर पर था, लेकिन अब यह 22वें स्थान पर पहुँच गया है. इसका मतलब है कि देश ने एक साथ 15 पायदान की लंबी छलांग लगाई है. इस बार सऊदी का लाइफ इवैल्यूएशन स्कोर 10 में से 6.817 रहा है.

  • सऊदी अरब अब अमेरिका (23वां स्थान) से आगे निकल गया है.
  • कनाडा (25वां स्थान) और ब्रिटेन (29वां स्थान) जैसे बड़े देश भी अब सऊदी से नीचे हैं.
  • वहीं फिनलैंड लगातार नौवें साल दुनिया का सबसे खुशहाल देश बना हुआ है.

इस तरक्की के पीछे क्या वजह है?

सऊदी सरकार के मुताबिक यह कामयाबी विज़न 2030 और क्वालिटी ऑफ लाइफ प्रोग्राम की वजह से मिली है. सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, शहरी विकास और रोजगार के नए मौके बढ़ाने पर जोर दिया है. साथ ही मनोरंजन और सांस्कृतिक सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है.

इस बदलाव का असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है:

  • क्वालिटी ऑफ लाइफ सेक्टर की वजह से जीडीपी में 20.5 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है.
  • गैर-सरकारी निवेश में 5.8 अरब डॉलर से ज्यादा का इजाफा हुआ है.
  • गैर-तेल निर्यात में 5.6 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई है.

यह रिपोर्ट कैसे तैयार की जाती है और कौन बनाता है?

यह रिपोर्ट ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वेलबीइंग रिसर्च सेंटर, गैलप और यूएन सस्टेनेबल डेवलपमेंट सॉल्यूशंस नेटवर्क मिलकर जारी करते हैं. रैंकिंग तय करने के लिए गैलप वर्ल्ड पोल का सहारा लिया जाता है, जिसमें लोगों से उनकी जिंदगी को 0 से 10 के स्केल पर रेट करने को कहा जाता है.

रैंकिंग के लिए इन 6 मुख्य बातों को देखा जाता है:

  • प्रति व्यक्ति जीडीपी
  • सामाजिक सहायता
  • स्वस्थ जीवन की उम्मीद
  • जीवन के फैसले लेने की आजादी
  • उदारता
  • भ्रष्टाचार के प्रति धारणा