सऊदी अरब ने 20 जुलाई 2026 को यह स्पष्ट किया है कि वे यमन के लोगों की मदद और वहां विकास कार्यों को जारी रखेंगे। सऊदी सरकार यमन की वैध सरकार के साथ मिलकर वहां बिजली स्टेशनों को चलाने के लिए पेट्रोलियम उत्पादों और बजट सहायता जैसी जरूरी सुविधाएं मुहैया करा रही है। इस फैसले का मकसद यमन के लोगों की मुश्किलों को कम करना है।

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हूती विद्रोहियों की धमकी और समुद्री नाकेबंदी

सऊदी सरकार के इस रुख के कुछ समय बाद ही यमन के हूती विद्रोही गुट के सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री प्रतिबंध लगाने का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला सऊदी अरब द्वारा यमन पर लगाए गए कथित ब्लॉकेड और सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हालिया हमलों के जवाब में लिया गया है।

हूती विद्रोहियों ने चेतावनी दी है कि वे आने वाले समय में और भी सख्त कदम उठा सकते हैं। उन्होंने Bab al-Mandeb जलडमरूमध्य को सऊदी जहाजों के लिए बंद करने की धमकी दी है, जो दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। इस घटनाक्रम से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर इसके असर को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.