सऊदी अरब ने यमन के लोगों की जान बचाने के लिए एक बार फिर मदद का हाथ बढ़ाया है। किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (KSrelief) ने ‘मसम’ प्रोजेक्ट के कॉन्ट्रैक्ट को एक साल और बढ़ा दिया है। इस काम के लिए 52.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर का नया बजट तय किया गया है।

इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद यमन के अलग-अलग इलाकों में बिछाई गई बारूदी सुरंगों और बिना फटे बमों को हटाना है। इस काम को सऊदी अरब के एक्सपर्ट्स और अंतरराष्ट्रीय जानकारों की देखरेख में किया जा रहा है। इसमें यमन की उन टीमों को लगाया गया है जिन्हें बारूदी सुरंगों को हटाने की खास ट्रेनिंग दी गई है।

यमन के लोगों को मिल रही है ट्रेनिंग

मसम प्रोजेक्ट के तहत केवल सुरंगें ही नहीं हटाई जा रही हैं, बल्कि यमन के स्थानीय लोगों के लिए ट्रेनिंग और क्षमता बढ़ाने के प्रोग्राम भी चलाए जा रहे हैं। इससे वहां के लोग खुद अपने इलाके को सुरक्षित करना सीख रहे हैं।

डॉ अब्दुल्ला अल-राबिया ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाना यमन के लोगों के प्रति सऊदी अरब की मानवीय जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बारूदी सुरंगों की वजह से वहां कई लोग अपाहिज हुए और बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने अपनी जान गंवाई।

अब तक की कामयाबी

इस प्रोजेक्ट ने अब तक बड़ी कामयाबी हासिल की है। अब तक कुल 567,182 बारूदी सुरंगें, बिना फटे बम और अलग-अलग तरह के गोले बरामद किए जा चुके हैं।

डॉ अल-राबिया ने इस पूरी मदद के लिए सऊदी अरब के किंग और क्राउन प्रिंस का शुक्रिया अदा किया है, जो दुनिया भर में और खासकर यमन में राहत कार्यों के लिए लगातार सहयोग कर रहे हैं।