सऊदी अरब ने यमन में चल रहे संकट को खत्म करने और वहां शांति बहाली के लिए अपनी प्रतिबद्धता फिर से दोहराई है। सऊदी राजदूत मोहम्मद अल जाबेर ने 24 जुलाई 2026 को कहा कि देश यमन के हितों को प्राथमिकता देते हुए एक व्यापक राजनीतिक समाधान खोजने के लिए संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम कर रहा है। सऊदी अरब ने इस बात पर जोर दिया है कि यमन को विदेशी हितों के लिए एक मोहरा नहीं बनाया जाना चाहिए।

हुती हमलों और क्षेत्रीय तनाव पर सऊदी अरब का रुख

एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान सऊदी विदेश मंत्रालय के उप मंत्री इंजीनियर वलीद बिन अब्दुलकरीम अल-खुरैजी ने हुती मिलिशिया द्वारा लगाए गए नाकेबंदी के आरोपों को झूठा करार दिया है। उन्होंने हुती गुटों द्वारा नागरिक बुनियादी ढांचे और जहाजों पर किए जा रहे लगातार हमलों की निंदा की। इसके अलावा, उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में तेल और गैस टैंकरों पर हो रहे अवैध हमलों पर भी चिंता व्यक्त की है।

संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी और शांति की अपील

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने 24 जुलाई 2026 को बताया कि महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हुतियों से तत्काल हमलों को रोकने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि लाल सागर में व्यावसायिक जहाजों पर हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं, बल्कि इनसे मानवीय और आर्थिक संकट भी गहरा सकता है। यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हंस ग्रंडबर्ग ने भी पहले ही समुद्री सुरक्षा के प्रति अपनी गंभीर चिंता जाहिर की है।

शांति प्रयासों के बीच मदद जारी

सऊदी अरब ने हुती हमलों के बावजूद यमन के लिए सहायता के रास्ते खुले रखने का फैसला किया है। इसमें सना एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानों का संचालन और होदेइदाह बंदरगाहों तक जहाजों की आवाजाही को आसान बनाना शामिल है। यमन के विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब के इस रुख का स्वागत किया है, जबकि ओमान ने भी इस संकट को कम करने और शांति प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के लिए सऊदी अरब और संयुक्त राष्ट्र के साथ समन्वय पर जोर दिया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.