सऊदी अरब अपनी पुरानी विरासत को संवारने में जुट गया है। अब दारब ज़ुबैदा (Darb Zubaida) के पुराने रास्तों को फिर से ठीक किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसे देख सकें। इसी रास्ते पर ज़बाला (Zabala) नाम की एक ऐतिहासिक जगह है, जो पुराने ज़माने में हाजियों और व्यापारियों के रुकने का मुख्य अड्डा हुआ करती थी।

ज़बाला ऐतिहासिक स्थल की क्या खासियत है?

ज़बाला गांव सऊदी अरब के Northern Borders Province में रफ़हा (Rafha) के दक्षिण में स्थित है। यह कुफ़ा से मक्का जाने वाले हज्ज़ रास्ते का एक बहुत अहम हिस्सा था। यहाँ 300 से ज़्यादा पुराने कुएं, किले और पानी जमा करने के बड़े टैंक मिले हैं। खुदाई के दौरान यहाँ एक आयताकार मस्जिद, मिट्टी के बर्तन और चीनी मिट्टी की चीज़ें भी मिली हैं, जिससे पता चलता है कि अब्बासी काल के दौरान यहाँ काफी व्यापार और चहल-पहल रहती थी।

सऊदी सरकार इसे क्यों बचा रही है?

सऊदी अरब का Heritage Commission इस पूरे रास्ते को एक ‘जीवित संग्रहालय’ (Living Museum) बनाने पर काम कर रहा है। यह प्रोजेक्ट Vision 2030 का हिस्सा है, जिसका मकसद सांस्कृतिक विरासत को बचाना और टूरिज्म को बढ़ावा देना है। यूनेस्को (UNESCO) ने भी ज़बाला पूल को अपनी संभावित विश्व धरोहर सूची में शामिल किया है। यहाँ 2015 से खुदाई का काम चल रहा है ताकि इस प्राचीन शहर के विकास और इसकी भूमिका को पूरी तरह समझा जा सके।

आज के समय में इस रास्ते का क्या इस्तेमाल है?

पुराना होने के बावजूद, दारब ज़ुबैदा आज भी इराक़ से आने वाले हाजियों के लिए एक ज़रिया बना हुआ है। जदीदत अरार (Jadidat Arar) बॉर्डर क्रॉसिंग के ज़रिए आधुनिक सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर को पुराने रास्तों के साथ जोड़ा गया है। इसके अलावा, फरवरी 2025 में लेना (Laynah) में ‘विंटर एट दारब ज़ुबैदा’ फेस्टिवल भी आयोजित किया गया, ताकि लोग इस प्राचीन रास्ते की अहमियत को जान सकें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

दारब ज़ुबैदा रास्ता कहाँ से कहाँ तक जाता है?

यह एक प्राचीन हज्ज़ और व्यापारिक रास्ता है जो इराक़ के कुफ़ा शहर को सऊदी अरब के मक्का शहर से जोड़ता है और इसकी कुल लंबाई लगभग 1,400 किलोमीटर है।

ज़बाला साइट पर खुदाई में क्या-क्या मिला है?

ज़बाला में 300 से ज़्यादा कुएं, एक किला, पानी के टैंक, एक आयताकार मस्जिद और पुराने ज़माने के मिट्टी के बर्तन और औज़ार मिले हैं।