सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी Saudi Aramco ने एशिया को भेजे जाने वाले कच्चे तेल के लिए नई मूल्य निर्धारण व्यवस्था पर विचार करना शुरू कर दिया है। 28 जुलाई 2026 को सामने आई जानकारी के अनुसार, लाल सागर में चल रहे सुरक्षा जोखिमों के कारण तेल ले जाने वाले जहाजों के रास्तों में बदलाव किया गया है।

लंबे रास्ते के कारण बढ़ रही है लागत

यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय जहाजों को दी जा रही धमकियों के चलते तेल आपूर्ति के रास्तों को बदलना पड़ा है। अब कच्चे तेल को Ain Sokhna पोर्ट से SUMED पाइपलाइन के जरिए भूमध्य सागर तट पर स्थित Sidi Kerir पोर्ट तक पहुँचाया जा रहा है।

इस बदलाव के कारण जहाजों को एशिया पहुँचने में काफी अधिक समय लग रहा है। पहले जो सफर 19 दिन में पूरा होता था, अब उसमें 48 दिन तक लग सकते हैं। इसके साथ ही ईंधन का खर्च भी पहले से दोगुना हो गया है। SUMED पाइपलाइन की क्षमता 25 लाख बैरल प्रति दिन की है, जो आपूर्ति को निर्बाध रखने में मदद कर रही है। हालांकि, परिवहन लागत में हुई इस भारी बढ़ोतरी को देखते हुए Saudi Aramco कीमतों में बदलाव पर विचार कर रही है। कंपनी की ओर से अभी इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.