सऊदी अरब में एक साथ कई बड़ी खबरें सामने आई हैं जिसमें दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको का बंपर मुनाफा और प्रवासियों से जुड़े नए नियम शामिल हैं। साल 2026 की पहली तिमाही में अरामको की कमाई ने सबको चौंका दिया है जो सीधे तौर पर देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती को दिखाती है। वहीं दूसरी तरफ सऊदी सरकार ने श्रम बाजार में बड़े बदलाव करते हुए कई नौकरियों को केवल अपने नागरिकों के लिए सुरक्षित कर दिया है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
सऊदी अरामको का मुनाफा और तेल पाइपलाइन की नई क्षमता
सऊदी अरामको ने साल 2026 की पहली तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने जानकारी दी है कि इस अवधि में उसे 122 अरब रियाल का शुद्ध लाभ हुआ है जबकि पिछले साल इसी समय यह लाभ 97.5 अरब रियाल था। अरामको की ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन की क्षमता अब बढ़कर 70 लाख बैरल तक पहुंच गई है। यह विकास सऊदी अरब के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है। कंपनी ने अपनी एडजस्टेड नेट इनकम में भी अच्छी बढ़त दर्ज की है जो अब 126 अरब रियाल तक पहुंच गई है।
प्रवासियों के लिए नौकरी के नए नियम और पाबंदियां
सऊदी अरब के श्रम मंत्रालय (MHRSD) ने विजन 2030 के तहत श्रम बाजार में बड़े सुधार लागू किए हैं। इसके तहत अब चार प्रमुख पेशों को केवल सऊदी नागरिकों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। Qiwa प्लेटफॉर्म ने अब प्रवासियों के प्रोफेशन को इन पदों पर बदलने की अनुमति देना बंद कर दिया है।
| आरक्षित पद | नियम का विवरण |
|---|---|
| जनरल मैनेजर | अब केवल सऊदी नागरिकों के लिए आरक्षित |
| सेल्स रिप्रेजेंटेटिव | 60 प्रतिशत स्थानीयकरण का लक्ष्य |
| मार्केटिंग स्पेशलिस्ट | 60 प्रतिशत सऊदीकरण दर लागू |
| प्रोक्योरमेंट मैनेजर | सप्लाई चेन पर स्थानीय नियंत्रण के लिए आरक्षित |
इसके अलावा मार्केटिंग और सेल्स टीम में काम करने वाले सऊदी नागरिकों के लिए न्यूनतम वेतन 5,500 रियाल तय किया गया है ताकि वे लोकलाइजेशन कोटा में गिने जा सकें।
कानूनी कार्रवाई और हज सीजन के लिए सख्त निर्देश
सऊदी अरब के गृह मंत्रालय और पुलिस विभाग ने नियमों के उल्लंघन पर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। अप्रैल के मध्य में केवल एक हफ्ते के भीतर 17,368 लोगों को रेजिडेंसी और श्रम कानूनों के उल्लंघन के कारण डिपोर्ट किया गया है। मक्का में हज सीजन को लेकर भी नए निर्देश जारी किए गए हैं। अब बिना आधिकारिक परमिट के प्रवासियों का मक्का में प्रवेश वर्जित है। केवल उन लोगों को अनुमति दी जाएगी जिनके पास मक्का का इकामा है या जिनके पास वहां काम करने का वैध परमिट है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब में किन प्रवासियों को मक्का में प्रवेश की अनुमति मिलेगी?
13 अप्रैल 2026 से प्रभावी नए नियमों के अनुसार, केवल उन प्रवासियों को मक्का में प्रवेश मिलेगा जिनके पास वहां का इकामा, हज परमिट या पवित्र स्थलों पर काम करने का आधिकारिक वर्क परमिट है।
सऊदी में नौकरी बदलने को लेकर नया कानून क्या है?
मार्च 2021 से लागू नियमों के तहत, विदेशी कर्मचारी एक साल की नौकरी पूरी करने के बाद 90 दिन का नोटिस देकर बिना पुराने मालिक की अनुमति के दूसरी नौकरी बदल सकते हैं।
सऊदी अरब में प्रवासियों द्वारा भेजे जाने वाले रेमिटेंस का क्या आंकड़ा है?
संयुक्त राष्ट्र में सऊदी अरब के प्रतिनिधि के अनुसार, साल 2025 के दौरान सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों ने अपने देशों में लगभग 44 अरब डॉलर भेजे हैं।
