Saudi Aramco Update: सऊदी अरामको को मिडिल ईस्ट संघर्ष से लगा बड़ा झटका, वैश्विक बाजार में 2.6 अरब बैरल तेल का नुकसान

सऊदी अरब की सबसे बड़ी और दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी Saudi Aramco इस समय मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण एक बड़े संकट से गुजर रही है। कंपनी ने हाल ही में आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि ईरान के साथ चल रहे तनाव और क्षेत्रीय विद्रोही समूहों के हमलों की वजह से वैश्विक तेल आपूर्ति में 2.6 billion barrels से ज्यादा की भारी कमी आई है। इस संकट के कारण सऊदी अरब को अपने तेल उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई होने वाले तेल की मात्रा में काफी कटौती करनी पड़ी है, जिससे पूरी दुनिया में ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ है।
सऊदी अरामको और ऊर्जा बाजार पर दोतरफा संकट
ऊर्जा जगत की इस दिग्गज कंपनी को मुख्य रूप से दो मोर्चों पर भारी संघर्ष करना पड़ रहा है। पहला संकट ईरान के साथ सीधे तनाव का है और दूसरा संकट यमन के संघर्ष से जुड़े विद्रोही समूहों द्वारा शिपिंग लेन पर बार-बार किए जाने वाले हमलों का है। Bab al-Mandab Strait के पास पानी के जहाजों और परिवहन मार्गों पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे सुरक्षा और सामान भेजने के रास्ते में बड़ी बाधाएं खड़ी हो गई हैं। फरवरी 2026 में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से दुनिया ने 2.6 billion barrels से अधिक तेल आपूर्ति खो दी है। इस बात की जानकारी Saudi Aramco के सीईओ Amin Nasser ने अगस्त 2026 की शुरुआत में दी थी, जिसे बाद में 13 August 2026 को Reuters की रिपोर्ट में भी प्रमुखता से साझा किया गया था।
अटैक और रिफाइनरी की मरम्मत में देरी
क्षेत्रीय अस्थिरता और हमलों के कारण सऊदी अरब के कई अहम ठिकानों को नुकसान पहुंचा है। 14 August 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सदस्यों ने सऊदी अरब और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर हो रहे हुती हमलों की कड़ी निंदा की। हुती बलों ने लाल सागर में सऊदी से जुड़े सात से अधिक कमर्शियल जहाजों के अलावा यान्बु, जिजान और अबक़ै़क के ऊर्जा बुनियादी ढांचों और सऊदी हवाई अड्डों पर ड्रोनों से निशाना साधा है। इसके अलावा, 11 August 2026 को Saudi Aramco ने अपने Jazan ऑयल रिफाइनरी को फिर से चालू करने की तारीख को आगे बढ़ा दिया। सप्ताहांत में हुए हमले के बाद अब इस रिफाइनरी को अगस्त के आखिर यानी लगभग 30 August तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे करीब दो हफ्ते की देरी हुई है। इस जिजान कॉम्प्लेक्स की क्षमता प्रतिदिन 400,000 barrels कच्चे तेल की है।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के आंकड़े और वैश्विक असर
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी IEA ने इस मौजूदा स्थिति को देखते हुए साल 2026 के लिए अपने तेल दृष्टिकोण में कटौती की है। एजेंसी का अनुमान है कि वैश्विक तेल की मांग में प्रतिदिन 1.6 million barrels की गिरावट आएगी। जुलाई में वैश्विक तेल आपूर्ति प्रतिदिन 2.4 million barrels बढ़कर 101.5 million bpd पर पहुंच गई थी, लेकिन यह पिछले साल के स्तर से अभी भी प्रतिदिन 6.3 million bpd कम थी। इसके अलावा, खाड़ी देशों का लगभग 8.3 million bpd उत्पादन अभी भी बंद पड़ा है। जुलाई और अगस्त की शुरुआत में नए सिरे से शत्रुता और समुद्री व्यवधानों के कारण IEA ने अपनी तीसरी तिमाही के आपूर्ति पूर्वानुमान में प्रतिदिन 1.7 million bpd की कटौती की है। बाजार की इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए सदस्य देशों ने रणनीतिक भंडारों से तेल निकालना शुरू कर दिया है।