सऊदी अरब की दिग्गज तेल कंपनी अरामको (Saudi Aramco) ने मलेशिया में चल रहे एक बड़े प्रोजेक्ट से अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। 25 मई 2026 को अरामको और मलेशिया की सरकारी ऊर्जा कंपनी पेट्रोनास (Petronas) के बीच एक बड़ा समझौता हुआ। इसके तहत अरामको अपने हिस्से की पूरी ओनरशिप पेट्रोनास को सौंप देगी। इस कदम से दोनों कंपनियों के बीच व्यापारिक रणनीति में बड़ा बदलाव आएगा।

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अरामको ने क्यों लिया हिस्सेदारी बेचने का फैसला?

सऊदी अरामको अपने डाउनस्ट्रीम पोर्टफोलियो को और मजबूत और लचीला बनाना चाहती है। इस डील के बाद अरामको के पास नए प्रोजेक्ट्स और रणनीतिक निवेश करने के लिए अधिक मौके होंगे। हिस्सेदारी बेचने के बाद भी दोनों कंपनियों के बीच कच्चे तेल की सप्लाई और तकनीकी लेन-देन पर सहयोग जारी रहेगा। पहले से चल रहे कच्चे तेल की सप्लाई के समझौते पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

पेट्रोनास को इस डील से क्या फायदा होगा?

पेट्रोनास अब PRefChem प्रोजेक्ट की पूरी मालिक बन जाएगी। इससे कंपनी को अपने काम करने के तरीकों में और अधिक आजादी मिलेगी। पेट्रोनास अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का इस्तेमाल करके मलेशिया की ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत कर सकेगी। यह प्रोजेक्ट मलेशिया के जोहोर में स्थित पेंगरंग इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स के अंदर काम करता है और इसमें रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल का काम होता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अरामको और पेट्रोनास के बीच क्या समझौता हुआ है?

सऊदी अरामको ने मलेशिया के PRefChem प्रोजेक्ट में अपनी पूरी हिस्सेदारी पेट्रोनास को बेचने का समझौता किया है, जिससे अब यह प्रोजेक्ट पूरी तरह पेट्रोनास के अधीन हो जाएगा।

क्या इस डील से दोनों देशों के बीच कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होगी?

नहीं, दोनों कंपनियों के बीच मौजूदा कच्चे तेल की सप्लाई का समझौता पहले की तरह ही जारी रहेगा और इस पर इस डील का कोई असर नहीं पड़ेगा।