Saudi-Bahrain Tax Deal: सऊदी और बहरीन के बीच हुआ टैक्स समझौता, अब एक ही कमाई पर दो बार नहीं देना होगा टैक्स

सऊदी अरब की कैबिनेट ने बहरीन के साथ एक अहम समझौते को मंजूरी दे दी है। इस फैसले का मकसद इनकम टैक्स पर होने वाले डबल टैक्स को रोकना और टैक्स चोरी पर लगाम लगाना है। 21 अप्रैल 2026 को इस मंजूरी की आधिकारिक घोषणा की गई, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को मजबूती मिलेगी।

इस टैक्स समझौते की मुख्य बातें क्या हैं?

यह सऊदी अरब और बहरीन के बीच अपनी तरह का पहला डबल टैक्स समझौता है। इसके तहत अब किसी व्यक्ति या कंपनी को एक ही कमाई पर दोनों देशों में टैक्स नहीं देना होगा। इससे टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता आएगी और टैक्स चोरी करने वालों पर रोक लगेगी। यह नियम तब लागू होगा जब दोनों देश आधिकारिक कागजात का आदान-प्रदान कर लेंगे।

समझौते की समयसीमा और जरूरी तारीखें

इस समझौते को पूरा करने के लिए पिछले कुछ समय से प्रक्रिया चल रही थी। इसकी मुख्य तारीखें नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती हैं:

तारीख घटना
22 अप्रैल 2025 सऊदी अरब ने समझौते पर हस्ताक्षर की अनुमति दी
3 दिसंबर 2025 बहरीन और सऊदी के बीच इनकम टैक्स संधि हुई
4 दिसंबर 2025 सऊदी-बहरीन समन्वय परिषद के चौथे सत्र में हस्ताक्षर हुए
29 मार्च 2026 बहरीन की संसद में समझौते की समीक्षा हुई
13 अप्रैल 2026 बहरीन की प्रतिनिधि परिषद ने ड्राफ्ट कानून को मंजूरी दी
21 अप्रैल 2026 सऊदी कैबिनेट ने समझौते को अंतिम मंजूरी दी

प्रवासियों और भारतीय व्यापारियों के लिए क्यों है जरूरी?

गल्फ देशों में रहने वाले भारतीयों और प्रवासियों के लिए यह खबर काफी फायदेमंद है। जो लोग सऊदी और बहरीन दोनों जगह बिजनेस करते हैं या निवेश करते हैं, उन्हें अब दो बार टैक्स का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। इससे उनके मुनाफे में बढ़ोत्तरी होगी और दोनों देशों के बीच व्यापार करना आसान हो जाएगा। इस समझौते पर सऊदी निवेश मंत्री Khalid bin Abdulaziz Al Falih और बहरीन के वित्त मंत्री Shaikh Salman bin Khalifa Al Khalifa ने हस्ताक्षर किए।