सऊदी अरब और बहरीन के विदेश मंत्रियों ने एक अहम मुलाकात की है। इस बैठक में दोनों देशों के बीच आपसी रिश्तों को मजबूत करने के साथ-साथ इलाके में बढ़ते तनाव पर बात हुई। खास तौर पर ईरान की हालिया हरकतों और अमेरिका के साथ चल रही बातचीत पर चर्चा की गई।
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सऊदी विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan ने बहरीन के विदेश मंत्री Dr. Abdullatif Al-Zayani से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने अपने बीच के मजबूत भाईचारे और पुराने रिश्तों को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। इस दौरान दोनों देशों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अपनी चिंताएं साझा कीं।
बैठक में अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को हुए एक समझौते (MOU) के बारे में विस्तार से बात हुई। इस समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच दुश्मनी को खत्म करना था, जिसमें पाकिस्तान और कतर ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। हालांकि, ईरान की हालिया हरकतों की वजह से इस समझौते पर खतरा मंडरा रहा है।
सऊदी अरब ने बहरीन पर हुए ईरानी ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की। सऊदी सरकार ने साफ कहा कि बहरीन की सुरक्षा के लिए वह पूरी तरह साथ खड़ा है। बहरीन के विदेश मंत्री ने बताया कि ईरान ने जानबूझकर बहरीन के रिहायशी इलाकों और जरूरी सुविधाओं को निशाना बनाया है, जिससे वहां के लोगों को नुकसान पहुंचा है।
इसके अलावा, बैठक में कुछ और अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई:
- Strait of Hormuz: समुद्र में जहाजों की सुरक्षित और बिना रोक-टोक आवाजाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
- परमाणु हथियार: ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने और उसकी मिसाइल यात्राओं पर लगाम लगाने की बात हुई।
- व्यापार की शर्त: GCC देशों ने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ व्यापार और निवेश तभी होगा जब वह अपनी अस्थिर व्यवहार को बंद करेगा और समझौते का पालन करेगा।
इससे पहले जून महीने में मनामा में GCC की बैठक हुई थी, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio भी शामिल थे। उस समय भी ईरान के खतरों और क्षेत्रीय शांति को लेकर चर्चा की गई थी।
