सऊदी अरब में कारोबार करने वालों के लिए एक बड़ी खबर आई है. वहां के Bankruptcy Commission ने साफ़ कर दिया है कि अगर कोई कंपनी दिवालिया होने की प्रक्रिया शुरू करती है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसका बिज़नेस बंद हो गया है. यह नियम उन कंपनियों को दोबारा खड़ा होने का मौका देता है जो आर्थिक तंगी से जूझ रही हैं.

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कमीशन ने बताया कि Bankruptcy Register में नाम आने का मतलब यह नहीं है कि कंपनी बाज़ार से बाहर हो गई या उसने काम रोक दिया है. इस कानून का मकसद उन कंपनियों की मदद करना है जो पैसों की कमी से परेशान हैं लेकिन फिर भी काम कर सकती हैं. इससे उन्हें अपने हिसाब-किताब को सुधारने और दोबारा काम शुरू करने का कानूनी रास्ता मिलता है, ताकि वे देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकें.

जून 2026 में कमीशन की वेबसाइट पर 60 नोटिस डाले गए थे, जिनमें से 30 नोटिस दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने के बारे में थे. कमीशन ने साफ़ कहा कि इन नंबरों को बिज़नेस बंद होने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. कानून में ‘प्रोटेक्टिव सेटलमेंट’ और ‘फाइनेंशियल रिस्ट्रक्चरिंग’ जैसे विकल्प दिए गए हैं, जिससे अच्छी कंपनियां बच सकें. सिर्फ उन कंपनियों को बंद (liquidation) किया जाता है जो किसी भी तरह काम चलाने के लायक नहीं बची हैं, ताकि सभी का हक सुरक्षित रहे.

यह जानकारी ऐसे समय में आई है जब सऊदी अरब में बिज़नेस तेज़ी से बढ़ रहा है. 2026 की दूसरी तिमाही में 71,000 से ज़्यादा नए कमर्शियल रजिस्ट्रेशन हुए हैं. कई सेक्टरों में पिछले साल के मुकाबले अच्छी बढ़त देखी गई है, जिसकी जानकारी नीचे टेबल में दी गई है.

बिज़नेस सेक्टर रजिस्ट्रेशन की संख्या बढ़त (2025 के मुकाबले)
कुल कमर्शियल रजिस्ट्रेशन (Q2 2026) 71,000 से ज़्यादा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) 22,591 33%
ई-कॉमर्स 48,497 32%
टूर ऑपरेटिंग 12,264 33%
एम्यूजमेंट पार्क और मनोरंजन 9,117 18%
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.