यमन में भूख और खाद्य संकट से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए सऊदी अरब और ब्रिटेन ने हाथ मिलाया है। KSrelief और WFP (विश्व खाद्य कार्यक्रम) के बीच 15 जुलाई 2026 को एक समझौता हुआ, जिसके तहत 10 मिलियन डॉलर की संयुक्त राशि यमन को दी जाएगी। इस समझौते पर सऊदी अरब की तरफ से Dr. Abdullah bin Abdulaziz Al Rabeeah और WFP की तरफ से Carl Skau ने हस्ताक्षर किए।
कौन से इलाके को मिलेगा फायदा
इस फंड का इस्तेमाल यमन के उन इलाकों में किया जाएगा जहां स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है। इसमें Al Mahra, Hadhramaut, Aden, Al Dhale, और Lahj जैसे क्षेत्र शामिल हैं। यह राशि सऊदी अरब के KSrelief और ब्रिटेन के FCDO की तरफ से बराबर बांटी गई है। इस मदद का मुख्य मकसद वहां के लोगों तक अनाज पहुंचाना और उन्हें भविष्य के लिए आत्मनिर्भर बनाना है।
गरीबी से निकालने की कोशिश
इस प्रोजेक्ट के जरिए न केवल तुरंत खाना पहुंचाया जाएगा, बल्कि लोगों को नकद सहायता भी दी जाएगी ताकि वे अपनी जरूरतें पूरी कर सकें। इसके अलावा व्यावसायिक प्रशिक्षण (vocational training) और स्थानीय बुनियादी ढांचे को ठीक करने का काम भी शुरू होगा। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवारों को गंभीर खाद्य असुरक्षा की स्थिति से बाहर निकालकर उन्हें स्थायी और बेहतर जीवन की ओर ले जाना है, ताकि वे भविष्य में किसी भी बाहरी मदद पर पूरी तरह निर्भर न रहें।
