सऊदी अरब की कैबिनेट ने 21 जुलाई 2026 को देश के भविष्य और सुरक्षा से जुड़े दो बड़े फैसलों पर अपनी मुहर लगा दी है। इन फैसलों का सीधा असर खाड़ी देशों के बीच आपसी तालमेल और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा। सऊदी सरकार ने यह निर्णय Vision 2030 के तहत अपनी नीतियों को और अधिक आधुनिक बनाने के लिए लिया है।
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GCC देशों के लिए रियल एस्टेट नियम
सऊदी मंत्रिपरिषद ने The Unified Rules for Owners of Common Real Estate in GCC Countries को मंजूरी दे दी है। इस नियम का मकसद सभी खाड़ी देशों में संपत्ति के मालिकाना हक और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं को एक जैसा बनाना है। हालांकि अभी इन नियमों का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि इससे विदेशी निवेशकों और रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता आएगी। 2026 में सऊदी अरब ने विदेशी कंपनियों और गैर-सऊदी निवासियों के लिए कई नए कानून पेश किए हैं ताकि बाजार को और मजबूत बनाया जा सके।
परमाणु और स्वास्थ्य सुरक्षा में बदलाव
सऊदी सरकार ने Nuclear and Radiological Regulatory Authority (NRRC) और National Cancer Center (NCC) के बीच तालमेल बिठाने की नई व्यवस्था को भी मंजूरी दी है। यह कदम परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल और रेडिएशन से जुड़ी चिकित्सा सेवाओं की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। फरवरी 2026 में नेशनल कैंसर सेंटर को अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली रेडिएशन मशीनों और साइक्लोट्रॉन उपकरणों की खरीद व वितरण को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब इस नई व्यवस्था से अस्पतालों में कैंसर इलाज के दौरान रेडिएशन सुरक्षा की निगरानी और बेहतर होगी।
